अहाना कुमरा ने हाल ही में खुलासा किया कि लगातार रिजेक्शन और कम मौके मिलने से उनके मन में सुसाइड के ख्याल आए. उन्होंने अपने संघर्ष और निडर बनने की कहानी साझा की.
अहाना कुमरा ने बताया कि लगातार रिजेक्शन झेलने से उनके मन में सुसाइड के ख्याल आने लगे थे. यह समय उनके लिए मानसिक रूप से कठिन रहा.
उन्होंने अपने जीवन के उस दौर को बुरी संगति और उन कामों के लिए जिम्मेदार माना, जिन्हें करने के लिए वह तैयार नहीं थीं.
अहाना ने कहा कि उन्होंने खुद को काम करते रहने के लिए प्रेरित किया और धीरे-धीरे बाहरी दुनिया के प्रति दृष्टिकोण बदला.
रिजेक्शन से निपटने के लिए अहाना ने हमेशा बैकअप प्लान बनाए. अगर एक काम नहीं चला, तो अन्य विकल्पों पर ध्यान दिया.
अहाना बताती हैं कि आज भी उन्हें अच्छे रोल नहीं मिल रहे. लेकिन उन्होंने हार न मानने का संकल्प लिया और नई चीज़ें आज़माने से डरती नहीं.
अहाना कुमरा का मंत्र है कभी हार न मानना. उन्होंने इंडस्ट्री और जीवन की चुनौतियों से सीख लेकर निडर होकर आगे बढ़ने का रास्ता चुना.