नवरात्रि का समापन और मां दुर्गा का भावभीनी विसर्जन। जानिए परंपरा और महत्व।
2 अक्टूबर, 2025 को मां दुर्गा की मूर्ति का डोली पर प्रस्थान और विसर्जन होगा।
शारदीय नवरात्रि के नौ दिनों की पूजा और भक्ति का समापन विसर्जन के साथ होता है।
पूर्वी भारत में सुहागिन महिलाएं मां के चरणों में सिंदूर अर्पित कर नारी शक्ति का उत्सव मनाती हैं।
इस साल विसर्जन सुबह 6:32 से 8:54 और दोपहर 1:21 से 3:44 तक किया जाएगा।
षोडशोपचार पूजन के साथ मंत्रों का उच्चारण और कलश विसर्जन भक्तों के लिए आशीर्वाद लाता है।
विसर्जन आध्यात्मिक संतोष के साथ सामाजिक जुड़ाव और अगले वर्ष माता के पुनः आगमन का प्रतीक है।