जोहो कॉर्पोरेशन के फाउंडर श्रीधर वेंबू की सादगी आपको चौंका देगी। अरबों की संपत्ति होने के बावजूद वो गांव में रहते हैं और साइकिल से सफर करते हैं।
श्रीधर वेंबू की नेटवर्थ 50 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा है, फिर भी उनका जीवन बेहद साधारण है।
वेंबू ने IIT मद्रास से इंजीनियरिंग और प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से PhD की है।
कुछ साल नौकरी के बाद 1996 में उन्होंने AdventNet की शुरुआत की, जो आगे चलकर Zoho बनी।
2019 में सिलिकॉन वैली छोड़कर तमिलनाडु के टेनकासी आ गए और गांव में बस गए।
महंगी गाड़ियों के बजाय वेंबू आसपास जाने के लिए आज भी साइकिल का इस्तेमाल करते हैं।
भारत सरकार ने 2021 में उनकी उपलब्धियों के लिए उन्हें पद्मश्री से नवाजा।