दिवाली 2025 में निशिता काल रात्रि 11:46 से 12:36 बजे तक लक्ष्मी-गणेश पूजन करने से घर और कार्यस्थल में समृद्धि, सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का वास होता है। जानें पूजा का महत्व और विधि।
रात्रि के मध्य बिंदु पर स्थित निशिता काल को धन, विद्या और आध्यात्मिक बल की प्राप्ति के लिए शुभ माना जाता है। इस समय किए गए अनुष्ठान अधिक प्रभावशाली होते हैं।
दिवाली 2025 में निशिता काल रात्रि 11:46 बजे से 12:36 बजे तक रहेगा। इस समय लक्ष्मी-गणेश पूजा करना पूरे वर्ष लाभकारी माना जाता है।
पूजा घर पर या कार्यस्थल पर की जा सकती है। दीपक, अगरबत्ती और पुष्प अर्पित कर वातावरण को स्वच्छ और शांत बनाना जरूरी है।
इस समय की गई पूजा घर में सुख-शांति और ऐश्वर्य का वास लाती है। मंत्र जाप से सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह पूरे वर्ष बना रहता है।
सर्वप्रथम घर और पूजा स्थल साफ करें। लक्ष्मी और गणेश की मूर्ति या चित्र के सामने दीपक जलाएं, पुष्प अर्पित करें और मंत्रों का जाप करें।
दीपोत्सव घरों को सजाने, सामूहिक पूजा और परिवार के साथ आनंद मनाने का अवसर है। निशिता काल में की गई पूजा पूरे वर्ष शुभ परिणाम देती है।