दिवाली 2025 की अमावस्या पर अघोरी श्मशान में तांत्रिक साधना करते हैं और महाकाली की शक्ति प्राप्त करते हैं।
20 अक्टूबर 2025 को कार्तिक अमावस्या है, इस रात अघोरी श्मशान में विशेष साधना करते हैं।
अघोरी श्मशान घाट पर मंत्रोच्चारण और तांत्रिक क्रियाओं के माध्यम से देवी महाकाली की पूजा करते हैं।
मणिकर्णिका घाट और उज्जैन के शमशान घाटों में दिवाली की रात विशेष तांत्रिक अनुष्ठान होते हैं।
जलती चिताओं के बीच खप्पर और शव साधना के माध्यम से अघोरी देवी की शक्ति प्राप्त करते हैं।
वेद और पुराणों में इस तरह की तंत्र साधना को धर्मविरोधी माना गया है, गृहस्थों को इससे दूर रहना चाहिए।
अमावस्या की रात अघोरी साधना अघोरी साधकों के लिए आध्यात्मिक महत्व रखती है, जबकि सामान्य लोग पारंपरिक पूजा विधियों का पालन करें।