दिवाली 2025: अयोध्या में पहली दिवाली और श्रीराम की वापसी

दिवाली 2025 का त्योहार प्रभु श्रीराम की अयोध्या वापसी से जुड़ा है। इस दिन दीपक जलाए गए और पूरे देश में खुशियों और रोशनी का माहौल फैला।

पहली दिवाली की पौराणिक कथा

त्रेता युग में श्रीराम के 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटने पर दीपक जलाए गए और पूरे शहर में उत्सव मनाया गया।

श्रीराम की वापसी

राम, माता सीता, लक्ष्मण और हनुमान के साथ अयोध्या पहुंचे। हनुमान ने पहले भरत को उनके आगमन की सूचना दी।

अयोध्या में खुशियों का माहौल

राम के आगमन से अयोध्या में दीपक और पुष्प वर्षा हुई। सरयू नदी फिर से अविरल बहने लगी और शहर में रोशनी छा गई।

पहली दिवाली का महत्व

यह दिन केवल रोशनी का नहीं, बल्कि सत्य, धर्म और न्याय की विजय का प्रतीक है। लोग अपने घरों को सजाकर खुशियां बांटते थे।

आज के दौर में दिवाली

आज भी दिवाली दीपक, रंगोली और पूजा के साथ मनाई जाती है। यह त्योहार बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की जीत का संदेश देता है।

इतिहास और आधुनिकता का संगम

श्रीराम की अयोध्या वापसी की कथा हमें सिखाती है कि श्रद्धा, भक्ति और सहयोग से संकट पर विजय पाई जा सकती है।

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