जगद्गुरु स्वामी राम भद्राचार्य बताते हैं कि सच्चा स्वास्थ्य शारीरिक के साथ मानसिक और आध्यात्मिक मजबूती से जुड़ा है. रोज़ाना हनुमान चालीसा और रामायण का पाठ जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और संतुलन लाता है.
स्वामी राम भद्राचार्य के अनुसार स्वास्थ्य सिर्फ शरीर तक सीमित नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक मजबूती से जुड़ा है.
प्रतिदिन हनुमान चालीसा पढ़ने से शरीर मजबूत होता है, मन शांत रहता है और रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है.
रोज़ाना रामायण के दोहे पढ़ने से मानसिक संतुलन बढ़ता है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है.
जल्दी सोना, समय पर जागना और नियमित आध्यात्मिक अभ्यास से शरीर और मन दोनों स्वस्थ रहते हैं.
भक्ति सिर्फ धार्मिक क्रिया नहीं, बल्कि मानसिक मजबूती देती है. हनुमान चालीसा और रामायण का पाठ तनाव और चुनौतियों से निपटने में मदद करता है.
शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ व्यक्ति समाज में शांति और समृद्धि फैलाने में सक्षम होता है.