उत्तराखंड स्थित वाराही देवी का शक्तिपीठ श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। देवी का वराह मुख और स्त्री शरीर वाला स्वरूप जीवन में शक्ति, सुरक्षा और मानसिक शांति प्रदान करता है।
देवी का स्वरूप वराह मुख और स्त्री शरीर का है। वे शक्ति और सुरक्षा की देवी मानी जाती हैं और सभी दुखों से मुक्ति देती हैं।
उत्तराखंड में माता वाराही के दो प्रमुख पूजा स्थल हैं गुह्येश्वरी और गुप्तेश्वरी। दर्शन मात्र से आयु, स्वास्थ्य और संपत्ति में वृद्धि होती है।
वाराही देवी ने असुरों का विनाश किया और साधकों को सभी दुखों से मुक्ति देने का वरदान दिया। उनका आशीर्वाद बाधाओं को दूर करता है।
देवी भैंसे पर विराजमान हैं। आठ भुजाओं में तलवार, दंड, ढाल और हल शामिल हैं, जो शक्ति, सुरक्षा और ज्ञान का प्रतीक हैं।
भक्त तलवार, दंड और ढाल के प्रतीक के रूप में देवी की पूजा करते हैं। यह साधक को मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति देती है।
वाराही देवी के दर्शन से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। उनका आशीर्वाद साधक को सुरक्षा, स्थिरता और सफलता की दिशा में मार्गदर्शन देता है।