3 फीट के डॉक्टर गणेश बरैया: हाइट क्यों नहीं बढ़ती, क्या कहता है मेडिकल साइंस?

3 फीट के डॉक्टर गणेश बरैया: हाइट क्यों नहीं बढ़ती, क्या कहता है मेडिकल साइंस?

गुजरात के भावनगर में 3 फीट कद के डॉक्टर गणेश बरैया ने अपनी काबिलियत से साबित किया कि छोटी हाइट क्षमता को रोक नहीं सकती। डॉ. गणेश को Dwarfism नामक जेनेटिक कंडीशन है, जिसमें ग्रोथ प्लेट्स प्रभावित होने के कारण हाइट सामान्य से कम रहती है। ड्वार्फिज्म मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर असर नहीं डालता।

Dwarfism: गुजरात के भावनगर स्थित सर तख्तासिंह जी अस्पताल में डॉक्टर गणेश बरैया अपनी केवल 3 फीट की हाइट के बावजूद मरीजों का इलाज कर रहे हैं। डॉ. गणेश ने MBBS की डिग्री हासिल कर दुनिया के सबसे छोटे डॉक्टर के रूप में पहचान बनाई है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, उनका छोटा कद Dwarfism नामक जेनेटिक कंडीशन के कारण है, जिसमें जन्मजात ग्रोथ प्लेट्स की गड़बड़ी हाइट को सामान्य स्तर तक बढ़ने नहीं देती। यह स्थिति मानसिक और शारीरिक क्षमता को प्रभावित नहीं करती।

डॉ. गणेश बरैया का प्रेरक सफर

गुजरात के भावनगर स्थित सर तख्तासिंह जी अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर डॉ. गणेश बरैया अपनी केवल 3 फीट की हाइट के बावजूद मरीजों का इलाज कर रहे हैं। डॉ. गणेश ने MBBS की डिग्री हासिल कर दुनिया के सबसे छोटे डॉक्टर के रूप में अपनी पहचान बनाई है। उनकी कहानी इस बात का उदाहरण है कि हाइट छोटी होने के बावजूद क्षमता और कौशल प्रभावित नहीं होता।

हाइट न बढ़ने का कारण

मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, डॉ. गणेश को Dwarfism नामक जेनेटिक कंडीशन है। लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज एंड एसोसिएट हॉस्पिटल्स के मेडिसिन विभाग के HOD डॉ. एलएच घोटेकर बताते हैं कि Dwarfism डीएनए में उत्पन्न गड़बड़ी के कारण होता है। इस स्थिति में बच्चे की ग्रोथ प्लेट्स प्रभावित होती हैं, जिससे हाइट सामान्य से कम रह जाती है और बढ़ना बंद हो जाता है। आमतौर पर ड्वार्फिज्म से प्रभावित लोगों की हाइट 4 फिट से कम ही रहती है।

अन्य कारण और मेडिकल दृष्टिकोण

डॉ. घोटेकर के अनुसार हाइट न बढ़ने के और कारणों में ग्रोथ हार्मोन की कमी या थायरॉइड हार्मोन की कमी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, ड्वार्फिज्म में इलाज से हाइट बढ़ाना संभव नहीं है। इस स्थिति में हड्डियों की लंबाई सीमित रहती है, हाथ-पैर छोटे होते हैं, लेकिन मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य सामान्य रहता है। ऑर्थोपेडिक सर्जरी या फिजियोथेरेपी से जोड़ों और चलने-फिरने की समस्याओं को ठीक किया जा सकता है, लेकिन हाइट को सामान्य करना संभव नहीं।

जागरूकता और सामाजिक दृष्टिकोण

सफदरजंग अस्पताल के सीनियर रेजिडेंट डॉ. मोहित कुमार कहते हैं कि इस बीमारी को लेकर जागरूकता जरूरी है। छोटे कद वाले लोगों का मजाक बनाना गलत है। डॉ. गणेश बरैया इस बात का जीवंत उदाहरण हैं कि छोटी हाइट बुद्धिमत्ता या क्षमता को प्रभावित नहीं करती। ड्वार्फिज्म जेनेटिक डिसऑर्डर होने के कारण किसी की गलती नहीं होती।

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