360 ONE MF ने DynaSIF Active Asset Allocator Long-Short Fund लॉन्च किया। यह फंड लंबी अवधि में ग्रोथ और इनकम के साथ जोखिम-एडजस्टेड रिटर्न देने के लिए डायनेमिक एसेट एलोकेशन और मजबूत रिस्क मैनेजमेंट अपनाएगा।
MF Update: 360 वन म्युचुअल फंड ने गुरुवार को DynaSIF Active Asset Allocator Long-Short Fund नाम से नया स्पेशलाइज्ड इन्वेस्टमेंट फंड (SIF) लॉन्च किया। इस फंड का उद्देश्य निवेशकों को लंबी अवधि में ग्रोथ और इनकम दोनों का लाभ देना है। फंड में डायनेमिक एसेट एलोकेशन और मजबूत रिस्क मैनजमेंट के जरिए नुकसान को कम रखने की रणनीति अपनाई जाएगी। इसका न्यू फंड ऑफर (NFO) 6 मार्च 2026 से खुलकर 20 मार्च 2026 तक चलेगा।
फंड की खासियत
यह फंड एक इंटरवल इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी वाला है, जो विभिन्न एसेट क्लास में निवेश करेगा। इसमें इक्विटी, डेट, कमोडिटी, इक्विटी और डेट डेरिवेटिव्स, InVITs और कमोडिटी डेरिवेटिव्स शामिल हैं। जरूरत पड़ने पर डेरिवेटिव्स के जरिए सीमित शॉर्ट पोजीशन भी ली जा सकती है।
फंड का उद्देश्य सिर्फ रिटर्न कमाना नहीं है, बल्कि जोखिम के अनुसार रिटर्न (Risk-Adjusted Return) देना भी है। फंड में निवेशकों को लंबी अवधि के लिए स्ट्रक्चर्ड पोर्टफोलियो का फायदा मिलेगा।
NFO पीरियड और न्यूनतम निवेश
यह नया फंड 6 मार्च से 20 मार्च 2026 तक निवेश के लिए खुला रहेगा। NFO के दौरान और इसके बाद लगातार निवेश के लिए न्यूनतम राशि 10 लाख रुपये रखी गई है। इसके बाद निवेशक 1 रुपये के मल्टीपल में आगे निवेश कर सकते हैं। अक्रेडिटेड निवेशकों के लिए न्यूनतम निवेश 1 लाख रुपये है।
अगर कोई निवेशक DynaSIF की एक से ज्यादा इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी में निवेश करता है, तो सभी स्ट्रैटेजीज में उसका कुल निवेश कम से कम 10 लाख रुपये होना चाहिए।
एग्जिट लोड और कैटेगरी
निवेशक यूनिट आवंटन की तारीख से 3 महीने के भीतर पैसा निकालते हैं, तो 0.5 प्रतिशत एग्जिट लोड लगेगा। 3 महीने के बाद पैसा निकालने पर कोई चार्ज नहीं है।
फंड की कैटेगरी Active Asset Allocator Long-Short Fund है। इसका बेंचमार्क 25% BSE Sensex TRI + 60% CRISIL Short Term Bond Fund Index + 15% iCOMDEX Composite Index के आधार पर तय किया गया है।
फंड मैनेजमेंट
फंड को तीन अनुभवी मैनेजर संभालेंगे। हर्ष अग्रवाल ओवरऑल स्ट्रैटेजी के लिए जिम्मेदार हैं। मिलन मोदी डेट पोर्शन संभालेंगे और राहुल खेतावत कमोडिटी पोर्शन मैनेज करेंगे।
पोर्टफोलियो की तैयारी
फंड का पोर्टफोलियो कई एसेट क्लास में विभाजित होगा। इसमें इक्विटी, डेट, कमोडिटी, इक्विटी और डेट डेरिवेटिव्स और InVITs शामिल हैं। बाजार की स्थिति के अनुसार एसेट का अनुपात समय-समय पर बदला जाएगा। जरूरत पड़ने पर सीमित शॉर्ट पोजीशन भी ली जाएगी।
360 वन एसेट मैनेजमेंट के को-फाउंडर और CIO अनुप माहेश्वरी ने कहा कि फंड की स्ट्रैटेजी लचीलापन (Flexibility) पर आधारित है। इसमें बाजार की बदलती परिस्थितियों के अनुसार निवेश को डायनेमिक तरीके से एडजस्ट किया जाएगा। उनका कहना है कि केवल कुल रिटर्न पर ध्यान नहीं दिया गया, बल्कि रिस्क-एडजस्टेड रिटर्न पर भी फोकस किया गया है।
जोखिम प्रबंधन
फंड कई स्तरों पर जोखिम को कम करने की रणनीति अपनाएगा।
- लॉन्ग-शॉर्ट पोजीशन: इक्विटी में लॉन्ग और शॉर्ट दोनों पोजीशन ली जाएंगी, जिससे अल्फा रिटर्न हासिल हो सके और बाजार की उतार-चढ़ाव पर निर्भरता कम हो।
- डायवर्सिफिकेशन: इक्विटी और कमोडिटी में निवेश को अलग-अलग इंस्ट्रूमेंट में फैलाया जाएगा।
- हेजिंग फ्रेमवर्क: कवरड कॉल, आर्बिट्राज और कमोडिटी हेजिंग जैसी रणनीतियों के जरिए जोखिम कम किया जाएगा।
- डायनेमिक एसेट एलोकेशन: अलग-अलग एसेट क्लास में निवेश का अनुपात बाजार की स्थिति के अनुसार बदलेगा। इसमें मैक्रो इकोनॉमिक परिस्थितियां, लिक्विडिटी ट्रेंड और एसेट की भविष्य की संभावनाएं ध्यान में रखी जाएंगी।
क्यों लगाना चाहिए पैसा
आज का निवेश माहौल तेजी से बदलते ब्याज दर चक्र, बाजार की अस्थिरता, एसेट संबंधों में बदलाव, महंगाई की अनिश्चितता और लिक्विडिटी झटकों से प्रभावित है। ऐसे में पारंपरिक फिक्स्ड इनकम उत्पाद पर्याप्त नहीं हैं।
DynaSIF Active Asset Allocator Long-Short Fund इस जरूरत को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। यह फंड एक्टिव रूप से इक्विटी, डेट, कमोडिटी और InvITs में निवेश करेगा। साथ ही जोखिम कम रखने के लिए डेरिवेटिव्स का भी उपयोग किया जाएगा।
360 वन एसेट मैनेजमेंट के CEO राघव अयंगर ने कहा कि बदलते बाजार और निवेशक जरूरतों के बीच, पारंपरिक 60:40 निवेश मॉडल अब चुनौतीपूर्ण हो गया है। DynaSIF ऐसा समाधान पेश करता है, जो ग्रोथ और इनकम को एक्टिव रिस्क मैनेजमेंट के साथ जोड़ता है।
पहले के DynaSIF फंड
इससे पहले 360 ONE MF ने 6 फरवरी 2026 को DynaSIF Equity Long-Short Fund लॉन्च किया था। यह ओपन-एंडेड इक्विटी इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजी वाला फंड है। इसका उद्देश्य लिस्टेड शेयरों और डेरिवेटिव्स में चुने हुए लॉन्ग और शॉर्ट पोजीशन लेकर लंबी अवधि में कैपिटल एप्रिसिएशन देना है।











