40 साल के बाद सुनने में कमी, एम्स डॉक्टर ने कारण और बचाव के उपाय बताए

40 साल के बाद सुनने में कमी, एम्स डॉक्टर ने कारण और बचाव के उपाय बताए

40 की उम्र के बाद सुनने की क्षमता कम होना अब आम समस्या बन रही है। एम्स दिल्ली के ईएनटी विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि तेज आवाज़ में हेडफोन और ईयरफोन का लगातार उपयोग कान की सुनने की शक्ति घटा सकता है। 60-60 नियम अपनाने और शोर वाले वातावरण से बचने की सलाह दी जा रही है।

Ability To Hear: सुनने की क्षमता पर बढ़ता दबाव अब 40 साल की उम्र के आसपास दिख रहा है। एम्स दिल्ली की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पूनम सागर के अनुसार तेज आवाज में हेडफोन और ईयरफोन का लंबे समय तक इस्तेमाल कान की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा रहा है। दिल्ली में यह चेतावनी सभी 40 साल से ऊपर के लोगों के लिए है, ताकि वे सुनने की क्षमता बनाए रखें और भविष्य में बहरेपन से बच सकें। शुरुआती पहचान और ब्रेक लेना कान की सेहत के लिए जरूरी है।

हेडफोन और ईयरफोन का इस्तेमाल बढ़ा रहा खतरा

एम्स दिल्ली के ईएनटी विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. पूनम सागर के अनुसार, 40 साल की उम्र के बाद कई लोगों में सुनने की क्षमता कम होना आम हो गया है। इसका मुख्य कारण पर्सनल डिवाइस का लगातार और तेज आवाज में उपयोग है। शोध में पाया गया है कि यदि वॉल्यूम 60 प्रतिशत से अधिक रखा जाए और लंबे समय तक सुनें, तो कान की सुनने की क्षमता पर स्थायी असर पड़ सकता है।

डॉ. सागर ने कहा कि पर्सनल डिवाइस का उपयोग करते समय आवाज़ को मैक्सिमम लिमिट के 60% से कम रखें और 60 मिनट सुनने के बाद ब्रेक लेना आवश्यक है। इससे कान पर होने वाला दबाव कम होता है और सुनने की क्षमता सुरक्षित रहती है।

कम उम्र में बढ़ रही हियरिंग प्रॉब्लम

पहले लोग 50 साल के बाद सुनने में कमी महसूस करते थे, लेकिन अब 40 की उम्र में ही सुनने की समस्या सामने आने लगी है। इसका प्रमुख कारण लगातार पर्सनल डिवाइस का तेज आवाज में इस्तेमाल और शोर-शराबा है। लगातार हेडफोन या ईयरफोन में सुनने से कान की कोशिकाएं प्रभावित होती हैं, जिससे सुनने की शक्ति घटती है।

सुनने की कमी का पता आम तौर पर बातचीत समझने में परेशानी, भीड़ में आवाज़ समझने में दिक्कत, फोन पर आवाज़ साफ न आना या कानों में घंटी जैसी आवाज़ के माध्यम से चलता है। शुरुआती पहचान से समय रहते उपाय संभव है।

सावधानियां और बचाव

डॉ. सागर सुझाव देती हैं कि हेडफोन या ईयरफोन का इस्तेमाल करते समय 60-60 नियम अपनाएं: 60% वॉल्यूम और 60 मिनट बाद ब्रेक। इससे कान को आराम मिलता है और सुनने की क्षमता बनी रहती है। अत्यधिक तेज आवाज से बचें और शोर वाले वातावरण में लंबे समय तक न रहें।

यदि कोई व्यक्ति अचानक सुनने में कमी, वर्टिगो या कान में असामान्य आवाज महसूस करे, तो तुरंत ईएनटी विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए। देर करने पर सुनने की क्षमता पर स्थायी असर पड़ सकता है।

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