आवारा कुत्तों का मामला: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राम्या की प्रतिक्रिया, मर्दों से तुलना पर सोशल मीडिया में छिड़ी बहस

आवारा कुत्तों का मामला: सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर राम्या की प्रतिक्रिया, मर्दों से तुलना पर सोशल मीडिया में छिड़ी बहस

आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के हालिया आदेश के बाद कन्नड़ एक्ट्रेस और पूर्व सांसद राम्या के सोशल मीडिया पर किए गए एक कमेंट ने विवाद खड़ा कर दिया है।

नई दिल्ली: कर्नाटक की मशहूर एक्ट्रेस और पूर्व सांसद राम्या हाल ही में सोशल मीडिया पर एक बार फिर विवादों में घिर गई हैं। यह विवाद उनके इंस्टाग्राम स्टोरी के कारण शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के आवारा कुत्तों से संबंधित आदेश पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। राम्या की टिप्पणी को कई लोग पुरुषों का अपमान मान रहे हैं, जबकि कुछ ने उनके विचार व्यक्त करने के अधिकार का समर्थन किया है।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश और राम्या की प्रतिक्रिया

सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में आवारा कुत्तों की सुरक्षा और नियंत्रण को लेकर आदेश जारी किया। कोर्ट ने बताया कि शहरों में आवारा कुत्तों के काटने की घटनाओं में वृद्धि हुई है और नगर निगम तथा स्थानीय निकायों द्वारा एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) नियमों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया। जस्टिस विक्रम नाथ की अगुवाई वाली बेंच ने कहा कि बच्चों और बड़ों को कुत्ते काट रहे हैं और पिछले 20 दिनों में दो जज सड़क हादसों में शामिल हुए। कोर्ट ने यह भी कहा कि यह अनुमान लगाना असंभव है कि कौन सा कुत्ता काटेगा और कौन नहीं, जिससे सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है।

इस आदेश के संदर्भ में राम्या ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि किसी आदमी के मन को पढ़ना और यह अनुमान लगाना उतना ही असंभव है कि कौन रेप या हत्या जैसे अपराध करेगा। इसके साथ ही उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा, “क्या इसका मतलब ये होगा कि सभी पुरुषों को जेल में डाल देना चाहिए?

सोशल मीडिया में बहस

राम्या के इस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कई लोग उनके इस तर्क को पुरुषों का अपमान मान रहे हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर उनके स्टोरी के स्क्रीनशॉट वायरल हो रहे हैं। आलोचकों ने इसे असंवेदनशील और भड़काऊ बताया। वहीं, कुछ समर्थकों ने राम्या के विचार व्यक्त करने के अधिकार का समर्थन किया। उनका कहना है कि यह व्यंग्य किसी को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाने के लिए नहीं था, बल्कि सामाजिक मुद्दों और न्याय प्रणाली पर ध्यान दिलाने के उद्देश्य से था।

यह पहला मौका नहीं है जब राम्या विवादों में घिरी हों। PET लवर होने के नाते उन्होंने हमेशा आवारा जानवरों के साथ मानवीय व्यवहार की बात की है। पिछले साल रेणुकास्वामी हत्याकांड के दौरान भी राम्या ने न्याय की मांग की थी, जिसके बाद उन्हें ऑनलाइन हत्या और रेप की धमकियां मिली थीं। राम्या ने तब पुलिस कमिश्नर के ऑफिस में शिकायत दर्ज कराई और कहा कि एक सेलिब्रिटी होने के नाते उन्हें ट्रोलिंग की आदत है, लेकिन इस बार उन्हें इस हद तक ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा।

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों की सुरक्षा के साथ-साथ सार्वजनिक सुरक्षा को भी लेकर चिंता जताई है। सीनियर एडवोकेट गौरव अग्रवाल ने कोर्ट को बताया कि नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने 1,400 किलोमीटर के हाईवे खतरनाक हिस्सों की पहचान कर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार किया है। इसे लागू करने के लिए राज्यों को शेल्टर और ABC केंद्रों के लिए मैनपावर की आवश्यकता है।

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