अब पास में कोई Smart Glasses पहनता है तो तुरंत पता चलेगा, जासूसी करना हुआ मुश्किल

अब पास में कोई Smart Glasses पहनता है तो तुरंत पता चलेगा, जासूसी करना हुआ मुश्किल

Nearby Glasses ऐप स्मार्ट ग्लासेस के आसपास मौजूद ब्लूटूथ सिग्नल्स को पहचान कर यूज़र को अलर्ट भेजता है। यह तकनीक आम लोगों को बिना अनुमति रिकॉर्डिंग और निगरानी से बचाने के लिए बनाई गई है। ऐप का उद्देश्य डिजिटल युग में निजता और सुविधा के बीच संतुलन बनाए रखना है, ताकि सार्वजनिक जगहों पर सतर्कता बढ़ सके।

Nearby Glasses App: डिजिटल युग में बढ़ती निगरानी और स्मार्ट वियरेबल्स की चुनौती को देखते हुए Nearby Glasses ऐप विकसित किया गया है। यह ऐप आसपास मौजूद स्मार्ट ग्लासेस और अन्य वियरेबल डिवाइस के ब्लूटूथ सिग्नल्स को लगातार स्कैन करता है और यूज़र को तुरंत नोटिफिकेशन भेज देता है। ऐप बनाने वाले Yves Jeanrenaud ने इस कदम के जरिए आम लोगों की गोपनीयता सुरक्षित रखने और सार्वजनिक जगहों पर संभावित रिकॉर्डिंग के खतरे से बचाने का प्रयास किया है।

Nearby Glasses ऐप कैसे करता है काम

Nearby Glasses पास मौजूद ब्लूटूथ सिग्नल्स को लगातार मॉनिटर करता है। अगर कोई डिवाइस स्मार्ट ग्लासेस से जुड़ा दिखाई देता है, तो यह तुरंत यूज़र को नोटिफिकेशन भेज देता है। यूज़र चाहें तो अपने ब्लूटूथ पहचान संकेतों को सूची में जोड़कर और अधिक सटीक अलर्ट भी पा सकते हैं।

इस ऐप की प्रेरणा वियरेबल निगरानी तकनीक से जुड़ी रिपोर्ट्स से मिली। डेवलपर यव्स जीनरेनॉड ने बताया कि Ray-Ban Meta Smart Glasses जैसी डिवाइस से जुड़े विवादों ने उन्हें आम लोगों की गोपनीयता सुरक्षित रखने के लिए यह समाधान तैयार करने पर मजबूर किया।

क्यों जरूरी है ऐसी तकनीक

स्मार्ट ग्लासेस सुविधा तो बढ़ाती हैं, लेकिन उनका दुरुपयोग भी संभव है। Nearby Glasses ऐप लोगों को सतर्क रहने और संभावित निगरानी से बचने में मदद करता है। डिजिटल युग में सुविधा और निजता के बीच संतुलन बनाए रखना अहम है, और यह ऐप इसी कोशिश का हिस्सा है।

यह तकनीक सार्वजनिक जगहों में रिकॉर्डिंग या निगरानी के खतरे को कम करने में कारगर साबित हो सकती है। यूज़र अपनी गोपनीयता सुरक्षित रखते हुए भी स्मार्ट डिवाइस का लाभ उठा सकते हैं।

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