अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर वोटर लिस्ट में फर्जीवाड़े का आरोप लगाया है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने पर भविष्य में जवाबदेही तय होगी। उन्होंने इस दिन को लोकतंत्र के लिए काला अध्याय बताया।
Jaipur: राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने भाजपा सरकार पर मतदाता सूचियों में हेराफेरी करने का आरोप लगाया है। एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया के तहत दावे और आपत्तियां दर्ज कराने के अंतिम दिन उन्होंने इसे लोकतंत्र के खिलाफ साजिश करार दिया।
गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भाजपा ने सत्ता के दुरुपयोग की सारी हदें पार कर दी हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके विधानसभा क्षेत्र सरदारपुरा में भी वोटर लिस्ट से नाम हटाने की कोशिश की गई। इस संबंध में उन्होंने राज्य निर्वाचन आयुक्त नवीन महाजन से फोन पर बात कर पूरी जानकारी दी और तुरंत कार्रवाई की मांग की।
आज लोकतंत्र के लिए काला दिन
अशोक गहलोत ने कहा कि आज का दिन राजस्थान के लोकतंत्र के इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने प्रशासन का इस्तेमाल कर मतदाता सूचियों में हेराफेरी करवाई है। गहलोत के अनुसार, यह जनता के अधिकारों और लोकतांत्रिक मूल्यों का सीधा अपमान है।

उन्होंने लिखा कि सत्ता के नशे में चूर सरकार ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता को नुकसान पहुंचाया है, जिससे जनता का भरोसा कमजोर हो सकता है।
BLO और ERO पर दबाव डालने का आरोप
गहलोत ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के अंतिम दिन सुनियोजित तरीके से EROs के माध्यम से BLOs पर दबाव डाला गया। उनसे कहा गया कि वे कांग्रेस समर्थक मतदाताओं के नाम काटें। उन्होंने यह भी दावा किया कि कई जगहों पर फॉर्म-7 पहले से भरे हुए BLOs को दिए गए, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ प्रशासनिक अधिकारियों और BLOs ने इस दबाव का विरोध किया, लेकिन उन्हें सत्ताधारी पार्टी के नेताओं की ओर से तबादले की धमकियां दी गईं।
अधिकारियों को कड़ी चेतावनी
गहलोत ने भाजपा के दबाव में काम कर रहे अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकारें बदलती रहती हैं, लेकिन गलत फैसलों की जवाबदेही तय होती है। उन्होंने साफ कहा कि यदि किसी अधिकारी ने नियमों और संविधान की मर्यादा का उल्लंघन किया है, तो भविष्य में उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से निष्पक्षता बनाए रखने और संवैधानिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की।











