Azam Khan Acquitted: भड़काऊ भाषण मामले में सपा नेता आजम खान को बड़ी राहत, अदालत ने किया बरी

Azam Khan Acquitted: भड़काऊ भाषण मामले में सपा नेता आजम खान को बड़ी राहत, अदालत ने किया बरी

भड़काऊ भाषण से जुड़े एक मामले में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व मंत्री आजम खान को गुरुवार को न्यायालय से राहत मिली। कोर्ट ने उन्हें इस प्रकरण में बरी कर दिया।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजनीति से जुड़ी एक अहम कानूनी घटनाक्रम में समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान को बड़ी राहत मिली है। रामपुर के भड़काऊ भाषण मामले में गुरुवार को अदालत ने उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिया। यह फैसला न केवल आजम खान के लिए, बल्कि उनके समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के लिए भी बड़ी कानूनी और राजनीतिक राहत के रूप में देखा जा रहा है।

यह मामला वर्ष 2019 के लोकसभा चुनावों के दौरान दिए गए एक कथित भड़काऊ भाषण से जुड़ा था, जिस पर लंबे समय से न्यायिक प्रक्रिया चल रही थी। अदालत के इस फैसले पर राजनीतिक हलकों के साथ-साथ कानूनी विशेषज्ञों की भी नजरें टिकी हुई थीं।

क्या था पूरा मामला?

भड़काऊ भाषण से जुड़ा यह मामला 2 अप्रैल 2019 को दर्ज किया गया था। शिकायत आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रदेश प्रवक्ता फैसल खान लाला की ओर से रामपुर की शहर कोतवाली में कराई गई थी। शिकायत के अनुसार, 29 मार्च 2019 को आजम खान ने रामपुर स्थित सपा कार्यालय में एक राजनीतिक भाषण दिया था। इस भाषण का वीडियो सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर प्रसारित हुआ था। आरोप लगाया गया था कि अपने संबोधन के दौरान आजम खान ने तत्कालीन रामपुर जिलाधिकारी आंजनेय कुमार सिंह (जो वर्तमान में मुरादाबाद मंडलायुक्त हैं) सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ आपत्तिजनक और भड़काऊ टिप्पणियां की थीं।

शिकायत में यह भी कहा गया था कि भाषण के दौरान आजम खान ने कथित रूप से कहा था कि कुछ अधिकारी “रामपुर को खून से नहलाना चाहते हैं” और उन्होंने पूर्व में अन्य जिलों में कमजोर वर्गों के खिलाफ अत्याचार किए हैं। इन बयानों को चुनाव आचार संहिता और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम का उल्लंघन बताते हुए गंभीर माना गया था।

किन धाराओं में दर्ज हुआ था केस?

पुलिस ने मामले की जांच के बाद आजम खान के खिलाफ विभिन्न धाराओं में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसमें:

  • चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन
  • लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धाराएं
  • कथित रूप से समाज में वैमनस्य फैलाने से जुड़े आरोप

शामिल थे। इसके बाद यह मामला एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में विचाराधीन रहा। लंबी सुनवाई और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने आजम खान को दोषमुक्त (Acquitted) करार दिया। न्यायालय ने यह माना कि अभियोजन पक्ष आरोपों को ठोस और निर्णायक सबूतों के साथ सिद्ध करने में असफल रहा। अदालत के इस फैसले के साथ ही आजम खान को इस विशेष मामले में कानूनी राहत मिल गई है।

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