भारत बन सकता है दुनिया की ‘AI फैक्ट्री’: क्लाउड एआई में बनाया नया रिकॉर्ड

भारत बन सकता है दुनिया की ‘AI फैक्ट्री’: क्लाउड एआई में बनाया नया रिकॉर्ड

भारत ने क्लाउड एआई (Cloud AI) के इस्तेमाल में अमेरिका के बाद दुनिया में दूसरा स्थान हासिल किया है। एंथ्रोपिक की रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय यूजर्स का 50 फीसदी क्लाउड सॉफ्टवेयर और वेब डेवलपमेंट के लिए उपयोग कर रहा है, जो ग्लोबल एवरेज से दोगुना है। यह भारत को AI रिसर्च और डेवलपमेंट का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण संकेत है।

AI And Cloud Technology: भारत क्लाउड एआई के इस्तेमाल में अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है, जहां भारतीय यूजर्स का आधा हिस्सा सॉफ्टवेयर और वेब डेवलपमेंट के लिए क्लाउड का उपयोग कर रहा है। एंथ्रोपिक की ताजा इकोनॉमिक इंडेक्स रिपोर्ट (15 जनवरी 2026) के अनुसार यह रुझान भारत में AI रिसर्च और प्रोफेशनल डेवलपमेंट की बढ़ती संभावनाओं को दर्शाता है। बेंगलुरु में एंथ्रोपिक की उपस्थिति भारत को वैश्विक AI हब बनाने में मदद करेगी।

भारतीय यूजर्स का क्लाउड एआई में रुझान

भारत में क्लाउड एआई का सबसे बड़ा हिस्सा तकनीकी कार्यों पर केंद्रित है. रिपोर्ट बताती है कि कुल उपयोग का 45.2 फीसदी कंप्यूटर और गणितीय कार्यों के लिए किया जाता है. सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और वेब एप्लिकेशन निर्माण के लिए क्लाउड एआई का इस्तेमाल भारतीय यूजर्स में ग्लोबल एवरेज से दोगुना अधिक है. विशेष रूप से, सीएसएस, एचटीएमएल और यूआई स्टाइलिंग जैसे कार्यों में यह रुझान स्पष्ट दिखता है.

इसी के साथ, चैटबॉट निर्माण, वर्कफ़्लो ऑटोमेशन और डेटा इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में भी भारत ग्लोबल एवरेज से आगे है. रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि करियर प्रोग्रेशन, नौकरी खोजने और प्रोफेशनल डेवलपमेंट के लिए क्लाउड एआई का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है.

एआई में भारत की संभावनाएं और अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग

एंथ्रोपिक की रिपोर्ट के अनुसार, भारत केवल अमेरिका के बाद दूसरे स्थान पर है, जबकि जापान, ब्रिटेन और दक्षिण कोरिया जैसे देशों में उपयोग सीमित है. हालांकि, कामकाजी उम्र की आबादी के अनुपात में भारत का एआई यूज इंडेक्स (AUI) 0.22 है, जो उच्च ओवरऑल रैंकिंग के बावजूद अपेक्षा से कम उपयोग दिखाता है. इसका मतलब है कि भारत में एआई क्षमता को और बढ़ाने की संभावनाएं अभी भी व्यापक हैं.

रिपोर्ट के निष्कर्ष यह स्पष्ट करते हैं कि भारत न केवल एआई टेक्नोलॉजी में तेजी से आगे बढ़ रहा है, बल्कि सॉफ्टवेयर और वेब डेवलपमेंट में इसका व्यावहारिक इस्तेमाल भी ग्लोबल मानकों से बेहतर है. इस स्थिति में एंथ्रोपिक जैसे एआई फर्म्स का बेंगलुरु में विस्तार भारत को अंतरराष्ट्रीय एआई रिसर्च और डेवलपमेंट का हब बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

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