दिल्ली विधानसभा में गुरु तेग़ बहादुर जी पर चर्चा के दौरान हंगामा हुआ। मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने नेता विपक्ष आतिशी के खिलाफ सदस्यता रद्द और एफआईआर दर्ज करने की मांग की। घटना से राजनीतिक माहौल गरमाया।
New Delhi: दिल्ली विधानसभा में गुरु तेग़ बहादुर जी की शहादत पर चर्चा के दौरान सियासी विवाद तेज़ हो गया है। इस मामले में दिल्ली सरकार के कई मंत्रियों ने नेता विपक्ष आतिशी के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा, मनजिंदर सिंह सिरसा, रविंद्र इंद्रराज सिंह, कपिल मिश्रा और अभय वर्मा ने विधानसभा अध्यक्ष से मिलकर आतिशी की सदस्यता रद्द करने और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
मंत्री प्रवेश वर्मा का आरोप
मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा ने कहा कि गुरू तेग़ बहादुर जी की शहादत पर चर्चा करते समय विपक्ष की नेता आतिशी ने न केवल चर्चा में भाग नहीं लिया, बल्कि कथित रूप से अपशब्दों का प्रयोग किया। उन्होंने इसे सदन की भावनाओं के खिलाफ बताया और कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मामला नहीं बल्कि पूरे देश और विशेषकर सिख समुदाय के सम्मान से जुड़ा मुद्दा है।
प्रवेश साहिब सिंह ने कहा कि गुरु तेग़ बहादुर जी ने धर्म और मानवता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया। ऐसे महान व्यक्तित्व का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने सदन में हुई घटना को गंभीर बताते हुए कहा कि इसे समयबद्ध तरीके से निपटाना जरूरी है ताकि भविष्य में कोई भी जनप्रतिनिधि इस तरह का व्यवहार न करे।
सदस्यों ने जताई आपत्ति
मंत्री ने बताया कि सदन के कई सदस्य इस मामले पर आपत्ति जता चुके हैं और इसे संवेदनशील मुद्दा बताया है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक मंच पर पवित्र विषयों पर असंवेदनशील टिप्पणी का किसी भी हाल में समर्थन नहीं किया जा सकता। मंत्री ने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी के कथित व्यवहार ने लोकतांत्रिक मर्यादाओं को चुनौती दी है।

विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा पत्र
प्रवेश साहिब सिंह ने आगे बताया कि इस पूरे मामले में एक औपचारिक पत्र विधानसभा अध्यक्ष को सौंपा गया है। पत्र में मांग की गई है कि नेता विपक्ष आतिशी की सदस्यता रद्द की जाए और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए। उन्होंने कहा कि कल विधानसभा में आतिशी द्वारा कहे गए शब्दों की लिखित प्रति भी स्पीकर को सौंप दी गई है, ताकि तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जा सके।
घटना का संवेदनशील पहलू
गुरु तेग़ बहादुर जी सिखों के नौवें गुरु थे, जिन्होंने मुगल काल में धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। उनकी शहादत को पूरा देश श्रद्धा और सम्मान के साथ याद करता है। ऐसे पवित्र और ऐतिहासिक विषय पर विधानसभा में किसी भी प्रकार का अपमान संवेदनशील माना जाता है।
राजनीतिक माहौल में बढ़ी सियासत
इस घटना के बाद दिल्ली विधानसभा में राजनीतिक माहौल और गरम गया है। मंत्री प्रवेश साहिब सिंह वर्मा के बयान के बाद विपक्ष और सरकार के बीच बहस तेज़ हो सकती है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में विधानसभा में इस मुद्दे पर और भी तीखी बहस देखने को मिल सकती है।
प्रवेश साहिब सिंह ने भावुक होते हुए कहा कि देश का हर नागरिक इस बात से आहत है। उन्होंने आरोप लगाया कि नेता विपक्ष ने पवित्र विषय का मजाक उड़ाया और अपशब्दों का इस्तेमाल किया।










