Adani Ports ने दिसंबर में 9 प्रतिशत कार्गो ग्रोथ दर्ज की, जिसमें कंटेनर वॉल्यूम का बड़ा योगदान रहा। मजबूत ऑपरेशनल डेटा के बावजूद शेयर बाजार में स्टॉक कमजोर खुला और शुरुआती कारोबार में गिरावट दिखी।
Share Market: Adani Ports and Special Economic Zone (APSEZ) ने दिसंबर महीने में मजबूत ऑपरेशनल परफॉर्मेंस दर्ज की है। बढ़ते कंटेनर ट्रैफिक के चलते कंपनी के कुल कार्गो वॉल्यूम में अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। हालांकि, इन पॉजिटिव आंकड़ों के बावजूद अदाणी पोर्ट्स का शेयर आज शेयर बाजार में लाल निशान में खुला, जिससे निवेशकों के बीच हल्की सतर्कता का माहौल नजर आया।
दिसंबर में कार्गो हैंडलिंग में 9 प्रतिशत की बढ़त
अदाणी पोर्ट्स ने दिसंबर महीने में कुल 41.9 MMT (Million Metric Tonnes) कार्गो हैंडल किया। यह आंकड़ा पिछले साल दिसंबर की तुलना में करीब 9 प्रतिशत ज्यादा है। कंपनी का कहना है कि इस ग्रोथ का सबसे बड़ा कारण कंटेनर कार्गो में आई तेज बढ़ोतरी रही।
दिसंबर के दौरान कंटेनर वॉल्यूम में सालाना आधार पर 18 प्रतिशत की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। भारत में इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट एक्टिविटी में तेजी और पोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर की बेहतर क्षमता का फायदा अदाणी पोर्ट्स को मिला है। कंटेनर ट्रैफिक लगातार कंपनी की ग्रोथ का मजबूत आधार बनता जा रहा है।
YTD आधार पर भी मजबूत ऑपरेशनल मोमेंटम
सिर्फ दिसंबर ही नहीं, बल्कि साल-दर-तारीख यानी Year To Date (YTD) आधार पर भी अदाणी पोर्ट्स का प्रदर्शन मजबूत रहा है। दिसंबर 2025 को खत्म होने वाली अवधि तक कंपनी ने कुल 367.3 MMT कार्गो हैंडल किया। यह आंकड़ा पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 11 प्रतिशत अधिक है।
इस पूरे नौ महीने की अवधि में भी कंटेनर कार्गो कंपनी का मुख्य ग्रोथ इंजन बना रहा। कंटेनर वॉल्यूम में YTD आधार पर 21 प्रतिशत की सालाना बढ़त दर्ज की गई। यह दिखाता है कि लॉन्ग टर्म में अदाणी पोर्ट्स का फोकस कंटेनराइज्ड कार्गो पर लगातार मजबूत होता जा रहा है।
शेयर नेगेटिव ओपनिंग ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता
मजबूत ऑपरेशनल डेटा के बावजूद आज Adani Ports Share Price ने कमजोर शुरुआत की। बीएसई पर कंपनी का शेयर 1,493 रुपये के पिछले क्लोजिंग लेवल के मुकाबले 1,490 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में इसमें और कमजोरी देखने को मिली और शेयर 1,485 रुपये तक फिसल गया।
सुबह करीब 9.20 बजे अदाणी पोर्ट्स का शेयर 7.60 रुपये या 0.51 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,485.40 रुपये पर ट्रेड कर रहा था। ऑपरेशनल आंकड़े पॉजिटिव होने के बावजूद शेयर में गिरावट से यह साफ होता है कि बाजार में फिलहाल मुनाफावसूली और शॉर्ट टर्म दबाव बना हुआ है।
लॉजिस्टिक्स सेगमेंट का मिला-जुला प्रदर्शन
अदाणी पोर्ट्स के लॉजिस्टिक्स सेगमेंट की बात करें तो दिसंबर महीने में इसका प्रदर्शन मिला-जुला रहा। दिसंबर में रेल वॉल्यूम 59,037 TEUs (Twenty-Foot Equivalent Units) रहा, जो सालाना आधार पर लगभग स्थिर रहा। इसमें कोई बड़ी ग्रोथ देखने को नहीं मिली।
वहीं GPWIS (General Purpose Warehousing and Industrial Solutions) वॉल्यूम सालाना आधार पर 7 प्रतिशत घटकर 1.8 MMT रह गया। हालांकि, पूरे साल-दर-तारीख अवधि को देखें तो लॉजिस्टिक्स रेल वॉल्यूम में सुधार देखने को मिला है।
YTD आधार पर लॉजिस्टिक्स रेल वॉल्यूम 11 प्रतिशत की बढ़त के साथ 5.29 लाख TEUs तक पहुंच गया। वहीं दिसंबर YTD तक GPWIS वॉल्यूम 16.1 MMT पर लगभग स्थिर रहा। इससे साफ है कि लॉजिस्टिक्स सेगमेंट में कुछ हिस्सों में दबाव है, जबकि कुछ सेगमेंट में स्थिरता बनी हुई है।
कंटेनर बिजनेस बना कंपनी की ताकत
अदाणी पोर्ट्स के लिए कंटेनर बिजनेस लगातार सबसे मजबूत सेगमेंट बनकर उभरा है। बढ़ता वैश्विक व्यापार, भारत का मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में उभरना और एक्सपोर्ट पर सरकार का फोकस कंपनी के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है।
कंटेनर वॉल्यूम में डबल डिजिट ग्रोथ यह संकेत देती है कि कंपनी का पोर्ट नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर आने वाले वर्षों में भी मजबूत मांग को संभालने में सक्षम रहेगा।
लॉन्ग टर्म में शेयर का मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड
हालांकि आज शेयर में कमजोरी देखने को मिली है, लेकिन लॉन्ग टर्म नजरिए से अदाणी पोर्ट्स का प्रदर्शन मजबूत रहा है। पिछले 12 महीनों में कंपनी के शेयर में करीब 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इसी अवधि में निफ्टी इंडेक्स में लगभग 9 प्रतिशत की ही तेजी देखने को मिली है। इसका मतलब यह है कि अदाणी पोर्ट्स के शेयर ने व्यापक बाजार से बेहतर रिटर्न दिया है। यह निवेशकों के भरोसे और कंपनी के मजबूत बिजनेस मॉडल को दर्शाता है।












