ईरान-अमेरिका तनाव: ‘हमें पता है निशाना कहां साधना है’, ट्रंप के बयान पर तेहरान की कड़ी चेतावनी

ईरान-अमेरिका तनाव: ‘हमें पता है निशाना कहां साधना है’, ट्रंप के बयान पर तेहरान की कड़ी चेतावनी

ईरान में आर्थिक अस्थिरता और मुद्रा विनिमय दर में तेज उतार-चढ़ाव से परेशान लोगों के शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बयान सामने आया है, जिससे हालात और अधिक संवेदनशील हो गए हैं।

World News: ईरान में महंगाई, मुद्रा संकट और आर्थिक अस्थिरता के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान ने हालात को और अधिक संवेदनशील बना दिया है। ट्रंप की टिप्पणी के बाद तेहरान ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे ईरान के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप बताया है और साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि उसकी संप्रभुता से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ईरान ने यह भी संकेत दिया कि देश की सशस्त्र सेनाएं पूरी तरह सतर्क हैं और जवाब देना जानती हैं।

ट्रंप के बयान से बढ़ा तनाव

डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर ईरान में प्रदर्शनकारियों पर कथित गोलीबारी को लेकर कड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यदि ईरानी सरकार शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के खिलाफ हिंसा करती है, तो अमेरिका उनकी मदद के लिए आगे आएगा और कार्रवाई के लिए तैयार रहेगा। ट्रंप के इस बयान को तेहरान ने “लापरवाह और खतरनाक” करार दिया है।

ईरान का कहना है कि इस तरह की बयानबाजी न केवल गैर-जिम्मेदाराना है, बल्कि इससे क्षेत्रीय स्थिरता और शांति को भी खतरा पैदा हो सकता है। तेहरान ने याद दिलाया कि अमेरिका खुद अपने यहां कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए नेशनल गार्ड की तैनाती करता रहा है, ऐसे में उसे दूसरों को उपदेश देने का नैतिक अधिकार नहीं है।

तेहरान की दो टूक चेतावनी

ईरानी सरकार के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि देश की संप्रभुता पर किसी भी प्रकार का हमला या हस्तक्षेप अस्वीकार्य है। बयान में यह भी जोड़ा गया, “हम जानते हैं कि कहां और कैसे जवाब देना है।” इसे अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। ईरान ने आरोप लगाया कि ट्रंप की टिप्पणियां उन शक्तियों से प्रभावित हो सकती हैं, जो कूटनीति से डरती हैं और क्षेत्र में तनाव बनाए रखना चाहती हैं। तेहरान ने दोहराया कि उसका इतिहास गवाह है कि ईरानी जनता हमेशा बाहरी हस्तक्षेप को सख्ती से खारिज करती आई है।

क्यों हो रहे हैं ईरान में विरोध प्रदर्शन

ईरान में ताजा विरोध प्रदर्शन उस समय शुरू हुए जब राष्ट्रीय मुद्रा रियाल की कीमत में तेज गिरावट दर्ज की गई और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतें तेजी से बढ़ने लगीं। रविवार को दुकानदार, व्यापारी और छात्र सड़कों पर उतर आए। कई प्रमुख बाजारों को बंद कर दिया गया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी हुई।ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अधिकांश प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहे, लेकिन कुछ जगहों पर हिंसक घटनाएं भी सामने आईं। 

पथराव, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान, पुलिस थानों पर हमले और सुरक्षाबलों पर मोलोटोव कॉकटेल फेंके जाने की खबरें आई हैं। सरकार ने इन घटनाओं को अलग-थलग आपराधिक कृत्य बताते हुए कहा है कि इन्हें शांतिपूर्ण प्रदर्शनों से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।

अर्थव्यवस्था पर प्रतिबंधों का असर

ईरान की अर्थव्यवस्था वर्षों से अमेरिकी और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के दबाव में है। ये प्रतिबंध मुख्य रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े हुए हैं। हाल ही में इस्राइल के साथ 12 दिनों तक चले संघर्ष ने भी आर्थिक हालात को और कमजोर कर दिया है। मौजूदा समय में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत लगभग 14 लाख रियाल तक पहुंच गई है, जिससे आम लोगों की क्रय शक्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।

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