एनसीईआरटी की पहल: कक्षा 8 की 31 सामाजिक विज्ञान की किताबें वापस, पढ़ाई में मिली मदद

एनसीईआरटी की पहल: कक्षा 8 की 31 सामाजिक विज्ञान की किताबें वापस, पढ़ाई में मिली मदद

एनसीईआरटी ने कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक Exploring Society India and Beyond (भाग 2) में विवादित अध्याय के कारण बिक्री रोक दी और खरीदी गई 38 में से 31 कॉपी वापस मंगवा ली हैं। सुप्रीम कोर्ट ने प्रकाशन, पुनः छपाई और डिजिटल वितरण पर रोक लगाई। छात्रों और अभिभावकों को राहत मिली और एनसीईआरटी भविष्य में संशोधित सामग्री जारी कर सकता है।

NCERT Controversial Book Prevention: कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब Exploring Society India and Beyond (भाग 2) में न्यायपालिका से जुड़े विवादित अध्याय को लेकर एनसीईआरटी ने तत्काल बिक्री रोक दी। सुप्रीम कोर्ट ने प्रकाशन, डिजिटल वितरण और दोबारा छपाई पर पूरी रोक लगाई। कुल 38 में से 31 खरीदी गई कॉपी वापस मंगवाई गई हैं। यह कार्रवाई छात्रों और अभिभावकों की सुरक्षा और शिक्षा में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए की गई। एनसीईआरटी भविष्य में संशोधित संस्करण जारी कर सकता है।

पुस्तक वापसी और विवाद

कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक Exploring Society India and Beyond (भाग 2) में न्यायपालिका से जुड़े अध्याय को लेकर आपत्ति जताई गई। इस विवाद के बाद सुप्रीम कोर्ट ने प्रकाशन, पुनः छपाई और डिजिटल वितरण पर पूरी रोक लगा दी। एनसीईआरटी ने तुरंत बिक्री रोकते हुए खरीदी गई 38 में से 31 कॉपी वापस मंगवा ली हैं और शेष की वापसी प्रक्रिया जारी है।

विवाद का कारण और कोर्ट का आदेश

पुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार शीर्षक वाला भाग शामिल था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डी.के. सूर्यकांत ने कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने स्कूलों और एनसीईआरटी निदेशक को आदेश दिया कि सभी कॉपी तत्काल जब्त कर सील की जाएँ और इसकी रिपोर्ट कोर्ट में प्रस्तुत की जाए।

छात्र और अभिभावक राहत

बिक्री रोकने और कॉपी वापस लिए जाने के बाद छात्रों और अभिभावकों ने राहत की सांस ली। एनसीईआरटी ने खरीदारों से आग्रह किया है कि अगर विवादित सामग्री सोशल मीडिया या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा हुई है, तो उसे तुरंत हटा दें।

संशोधित सामग्री और आगे की योजना

एनसीईआरटी भविष्य में समीक्षा के बाद नई संशोधित सामग्री प्रकाशित कर सकता है। इससे छात्रों को पाठ्यक्रम में भ्रम नहीं होगा और शिक्षा प्रणाली में गुणवत्ता बनी रहेगी।

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