अमेरिका‑इजरायल के हमले को लेकर ईरान ने की गंभीर टिप्पणी, कहा- अमेरिका भारत‑चीन की तरक्की नहीं चाहता

अमेरिका‑इजरायल के हमले को लेकर ईरान ने की गंभीर टिप्पणी, कहा- अमेरिका भारत‑चीन की तरक्की नहीं चाहता

ईरान ने स्पष्ट किया कि युद्ध की शुरुआत उसने नहीं की। अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि अमेरिका-इजरायल ने हमला किया और उनका मकसद भारत, चीन जैसी उभरती शक्तियों को रोकना है, जबकि ईरान केवल अपनी रक्षा कर रहा है।

US-Israel Attack Iran: मिडिल ईस्ट में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर लगातार हमलों के बीच ईरान के विशेष प्रतिनिधि अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इलाही का कहना है कि अमेरिका दुनिया में अस्थिरता पैदा कर रहा है और इसका मकसद भारत और चीन जैसी उभरती ताकतों को रोकना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान केवल अपनी रक्षा कर रहा है और युद्ध की शुरुआत अमेरिका और इजरायल ने की।

अमेरिका का मकसद भारत और चीन को रोकना

अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने ANI से बातचीत में बताया कि आने वाले समय में भारत, चीन, रूस और अमेरिका दुनिया की सबसे बड़ी शक्तियां बनेंगी। उनके अनुसार अमेरिका नहीं चाहता कि कोई भी देश उसकी बराबरी कर सके। इसी रणनीति के तहत अमेरिका वैश्विक संघर्षों को बढ़ावा देता है ताकि उसकी वैश्विक पकड़ मजबूत बनी रहे।

इलाही ने कहा कि ईरान के साथ जारी युद्ध का एक उद्देश्य भारत और चीन जैसी उभरती ताकतों को पीछे रखना भी है। उनका कहना था कि अमेरिका किसी देश को बराबरी में नहीं आने देगा और इसके लिए वह सैन्य और आर्थिक दबाव दोनों का इस्तेमाल कर रहा है।

ईरान सिर्फ अपनी रक्षा कर रहा है

ईरान के प्रतिनिधि ने स्पष्ट किया कि युद्ध की शुरुआत ईरान ने नहीं की है। उन्होंने कहा कि ईरान केवल अपने देश और नागरिकों की सुरक्षा के लिए कार्रवाई कर रहा है। अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ हमले शुरू किए और नागरिक इलाकों पर भी बमबारी की। इलाही ने जोर देकर कहा कि ईरान का उद्देश्य हमला नहीं बल्कि अपनी रक्षा करना है।

उन्होंने बताया कि ईरानी सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अपनी प्रतिक्रिया के तहत रणनीतिक ठिकानों और सैन्य लक्ष्यों को निशाना बनाया है। उनका कहना था कि ईरान किसी भी हाल में आक्रामक नहीं बल्कि रक्षात्मक कार्रवाई कर रहा है।

ईरान के खिलाफ फैल रही झूठी खबरें

इलाही ने इस बात पर भी जोर दिया कि अमेरिका और उसके सहयोगी ईरान के खिलाफ सूचना और प्रचार के युद्ध यानी नैरेटिव वॉर भी चला रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान की जनता को गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है और कहा जा रहा है कि लोग शासन परिवर्तन चाहते हैं। इलाही ने इसे पूरी तरह गलत बताया और कहा कि ईरानी जनता अपने देश और नेतृत्व के प्रति वफादार है।

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका और इजरायल मीडिया और सोशल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से ईरान के खिलाफ झूठी खबरें फैला रहे हैं। इसका मकसद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ईरान की छवि को कमजोर करना और वैश्विक समर्थन को सीमित करना है।

युद्ध की दोहरी रणनीति

अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने बताया कि ईरान इस समय दो तरह के युद्ध लड़ रहा है। पहला सैन्य युद्ध है जो सीधे अमेरिका और इजरायल के खिलाफ है। दूसरा नैरेटिव वॉर है जिसमें ईरान अपनी सच्चाई और रणनीति को जनता तक पहुंचाने की कोशिश कर रहा है। उनका कहना था कि ईरान की सैन्य और सूचना दोनों गतिविधियां पूरी तरह रक्षात्मक और रणनीतिक हैं।

इलाही ने कहा कि अगर अमेरिका युद्ध रोक देता है तो ईरान भी अपनी कार्रवाई तुरंत बंद कर देगा। उनका यह बयान क्षेत्र में तनाव को कम करने और संवाद के लिए अवसर बनाने की दिशा में लिया गया कदम माना जा सकता है।

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