महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था ने बनाई वैश्विक पहचान, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बोले- 'दुनिया की 30वीं सबसे बड़ी इकोनॉमी बना राज्य'

महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था ने बनाई वैश्विक पहचान, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस बोले- 'दुनिया की 30वीं सबसे बड़ी इकोनॉमी बना राज्य'

Maharashtra की अर्थव्यवस्था वैश्विक स्तर पर नई ऊंचाइयों को छू रही है। राज्य के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने बुधवार को Maharashtra Legislative Assembly में घोषणा की कि महाराष्ट्र अब दुनिया की 30वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है।

मुंबई: भारत के सबसे औद्योगिक और आर्थिक रूप से मजबूत राज्यों में शामिल Maharashtra ने वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में एक नई उपलब्धि हासिल करने का दावा किया है। राज्य के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis के अनुसार, महाराष्ट्र अब दुनिया की 30वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के रूप में उभरकर सामने आया है। उन्होंने कहा कि राज्य की तेज आर्थिक वृद्धि और निवेश को आकर्षित करने वाली नीतियों ने इसे वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाई है।

मुख्यमंत्री ने बुधवार को राज्य विधानसभा में कहा कि यदि महाराष्ट्र को एक स्वतंत्र देश के रूप में देखा जाए, तो उसकी अर्थव्यवस्था कई विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाओं से बड़ी होगी। उनके मुताबिक, महाराष्ट्र का आर्थिक आकार यूरोप और एशिया के कई देशों से अधिक हो चुका है, जिससे यह वैश्विक आर्थिक नक्शे पर एक प्रमुख क्षेत्रीय शक्ति के रूप में उभर रहा है।

पिछले दशक में तेज आर्थिक वृद्धि

सरकार के अनुसार, महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था ने पिछले दस वर्षों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। वर्ष 2013-14 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) लगभग 16 लाख करोड़ रुपये था, जो अब बढ़कर करीब 51 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। डॉलर के संदर्भ में यह लगभग 660 अरब डॉलर के बराबर है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की वर्तमान आर्थिक विकास दर लगभग 7.9 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से अधिक है। इस तेज वृद्धि का श्रेय औद्योगिक विकास, सेवा क्षेत्र की मजबूती, बुनियादी ढांचे में निवेश और निरंतर शहरीकरण को दिया जा रहा है। भारत की कुल अर्थव्यवस्था में भी महाराष्ट्र की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। 

आंकड़ों के अनुसार, देश की कुल जीडीपी में राज्य का योगदान लगभग 14.9 प्रतिशत है, जो किसी भी भारतीय राज्य के मुकाबले सबसे अधिक है। यह स्थिति महाराष्ट्र को भारत के आर्थिक इंजन के रूप में स्थापित करती है।

कई देशों से बड़ी बताई जा रही अर्थव्यवस्था

मुख्यमंत्री फडणवीस ने विधानसभा में कहा कि यदि महाराष्ट्र को एक स्वतंत्र अर्थव्यवस्था के रूप में देखा जाए, तो इसका आर्थिक आकार कई देशों से बड़ा है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि राज्य की अर्थव्यवस्था यूरोप और एशिया के कई प्रमुख देशों जैसे Austria, Thailand, Norway, Philippines, Vietnam और Bangladesh से भी बड़ी हो सकती है।

उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले दो से तीन वर्षों में महाराष्ट्र की अर्थव्यवस्था का आकार इतना बढ़ सकता है कि वह United Arab Emirates और Singapore जैसी मजबूत अर्थव्यवस्थाओं को भी पीछे छोड़ दे।

कर्ज का स्तर नियंत्रित बताया

राज्य के कर्ज को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि महाराष्ट्र की वित्तीय स्थिति स्थिर और नियंत्रित है। उन्होंने बताया कि राज्य की कुल आय लगभग 51 लाख करोड़ रुपये है, जबकि कुल कर्ज करीब 9.32 लाख करोड़ रुपये है। आय के मुकाबले कर्ज का अनुपात लगभग 18.2 प्रतिशत है, जिसे उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार सुरक्षित और स्वीकार्य बताया। सरकार का दावा है कि वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए विकास योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सामाजिक कल्याण योजनाओं—जैसे महिलाओं के लिए सहायता कार्यक्रम और बिजली से जुड़ी राहत योजनाओं—के बावजूद राज्य ने अपने राजकोषीय घाटे को लगभग 2.78 प्रतिशत तक सीमित रखा है।

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