केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने राजमार्ग प्रवेश पोर्टल का अपग्रेडेड वर्जन लॉन्च किया। अब नेशनल हाईवे से जुड़ी NOC और अन्य मंजूरियां ऑनलाइन मिलेंगी, जिससे आवेदन प्रक्रिया तेज, पारदर्शी और समयबद्ध बनेगी।
Business News: नेशनल हाईवे पर ड्राइविंग करने वालों और कारोबार से जुड़े लोगों के लिए बड़ी राहत की खबर है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने राजमार्ग प्रवेश पोर्टल का अपग्रेडेड वर्जन लॉन्च कर दिया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अब हाईवे से जुड़ी मंजूरियां और अप्रूवल ऑनलाइन मिल सकेंगे।
केंद्रीय मंत्री Nitin Gadkari ने इस पोर्टल का उद्घाटन करते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। अब अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। एक ही प्लेटफॉर्म पर आवेदन से लेकर अप्रूवल तक की पूरी प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी।
किसके लिए है यह पोर्टल
राजमार्ग प्रवेश पोर्टल उन सभी व्यक्तियों और संस्थाओं के लिए बनाया गया है जिन्हें नेशनल हाईवे से जुड़े नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट यानी NOC या अन्य अनुमतियों की आवश्यकता होती है। इसमें आम नागरिक, छोटे व्यापारी, बड़ी कंपनियां और सरकारी विभाग सभी शामिल हैं।
यदि कोई व्यक्ति हाईवे के किनारे पेट्रोल पंप खोलना चाहता है, फूड कोर्ट या रेस्ट एरिया बनाना चाहता है, या फिर कनेक्टिंग रोड तैयार करना चाहता है, तो अब उसे अलग-अलग विभागों में जाकर अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी। सारी प्रक्रिया ऑनलाइन पूरी की जा सकेगी। इससे समय की बचत होगी और आवेदन की स्थिति भी आसानी से ट्रैक की जा सकेगी।
अब मंजूरी होगी एक क्लिक में
पहले नेशनल हाईवे से जुड़ी किसी भी अनुमति के लिए लंबी कागजी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था। कई स्तरों पर दस्तावेज जमा करने होते थे और जवाब आने में काफी समय लग जाता था। अब इस अपग्रेडेड पोर्टल के जरिए आवेदक अपना एप्लीकेशन ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
टेलीकॉम कंपनियां ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने के लिए आवेदन कर सकती हैं। पानी और गैस पाइपलाइन डालने वाली एजेंसियां भी इसी प्लेटफॉर्म के जरिए अनुमति ले सकेंगी। बिजली लाइन बिछाने या अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े कामों के लिए भी अलग से आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी।
सबसे बड़ी बात यह है कि अब आवेदन का स्टेटस रियल टाइम में देखा जा सकेगा। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और अनावश्यक देरी कम होगी।
यात्रियों के लिए कैसे फायदेमंद

यह पोर्टल केवल व्यवसायियों के लिए ही नहीं, बल्कि आम यात्रियों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा। हाईवे के किनारे बेहतर सुविधाएं विकसित होंगी तो ड्राइविंग का अनुभव भी बेहतर होगा। पेट्रोल पंप, फूड प्वाइंट, रेस्ट एरिया और अन्य जरूरी सेवाएं आसानी से उपलब्ध होंगी।
सरकार का मानना है कि जब मंजूरी प्रक्रिया तेज होगी तो निवेश भी बढ़ेगा। निवेश बढ़ने से हाईवे के आसपास आधुनिक सुविधाएं विकसित होंगी। इससे यात्रियों को बेहतर सेवाएं मिलेंगी और लंबी दूरी की यात्रा अधिक आरामदायक होगी।
कारोबारियों को मिलेगा बड़ा लाभ
छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए यह पोर्टल एक बड़ा अवसर लेकर आया है। पहले जहां अनुमति लेने में महीनों लग जाते थे, अब वही काम तय समय सीमा में पूरा हो सकेगा।
लॉजिस्टिक्स कंपनियां, इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपर्स और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर से जुड़े कारोबारी अब तेजी से अपने प्रोजेक्ट शुरू कर सकेंगे। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
राज्य सरकारों के कई प्रोजेक्ट्स भी नेशनल हाईवे से जुड़े होते हैं। अब उन्हें भी मंजूरी प्रक्रिया में आसानी होगी। इससे विकास कार्यों में तेजी आएगी।
पारदर्शिता और समय की बचत
मंत्रालय का कहना है कि इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होगी। आवेदक यह देख पाएंगे कि उनका आवेदन किस स्तर पर है और कितने समय में मंजूरी मिलने की संभावना है।
पहले कई बार आवेदन की स्थिति जानने के लिए संबंधित दफ्तर में संपर्क करना पड़ता था। अब यह सब ऑनलाइन संभव होगा। इससे भ्रष्टाचार और अनावश्यक देरी की संभावना भी कम होगी।
डिजिटल सिस्टम के जरिए दस्तावेजों का रिकॉर्ड भी सुरक्षित रहेगा। भविष्य में किसी भी विवाद या स्पष्टीकरण की स्थिति में जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सकेगी।
नेशनल हाईवे नेटवर्क की बढ़ती भूमिका
भारत का नेशनल हाईवे नेटवर्क 1.45 लाख किलोमीटर से ज्यादा लंबा है। यह केवल सड़कों का जाल नहीं है, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। लॉजिस्टिक्स, रिटेल, फ्यूल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर का बड़ा हिस्सा हाईवे पर निर्भर करता है।
जब हाईवे के किनारे सुविधाएं बढ़ेंगी तो ट्रांसपोर्ट सेक्टर को भी फायदा होगा। ट्रक ड्राइवरों और लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों के लिए सुरक्षित और आरामदायक ठहराव स्थान उपलब्ध होंगे।










