बॉलीवुड एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा ने पोस्टपार्टम में मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के अपने तरीकों का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि वे मेडिटेशन, सकारात्मक सोच और सुबह हनुमान चालीसा या नमामि शमीशम के जाप से खुद को शांत रखती हैं। फोन से दूरी और प्रकृति में समय बिताना भी उनके दिनभर के संतुलन में मदद करता है।
Parineeti Chopra Postpartum Mental Health: बॉलीवुड एक्ट्रेस परिणीति चोपड़ा ने अपने यूट्यूब चैनल पर बताया कि पोस्टपार्टम के दौरान वह मानसिक शांति बनाए रखने के लिए मेडिटेशन और सकारात्मक सोच का सहारा लेती हैं। मुंबई में साझा किए गए वीडियो में उन्होंने सुबह हनुमान चालीसा या नमामि शमीशम का जाप करने, फोन से दूरी रखने और प्रकृति में समय बिताने जैसे तरीकों को अपनाने का महत्व बताया। यह तरीका उन्हें दिनभर स्थिर और संतुलित रहने में मदद करता है।
पोस्टपार्टम में मानसिक स्वास्थ्य
परिणीति चोपड़ा ने बताया कि पोस्टपार्टम के दो महीने पूरे होने के बाद वे धीरे-धीरे अपनी सामान्य दिनचर्या में लौट रही हैं। उन्होंने कहा कि मेंटल हेल्थ और मेडिटेशन अब उनके लिए बहुत जरूरी हैं, क्योंकि पॉजिटिव सोच से शरीर और मन दोनों मजबूत रहते हैं।
उन्होंने जोर दिया कि दिन की शुरुआत शांत और संतुलित तरीके से करने से तनाव कम होता है और दिनभर निर्णय लेने और काम करने की क्षमता बेहतर रहती है।

हनुमान चालीसा और सुबह की आदतें
अभिनेत्री ने अपनी सुबह की आदतों का भी खुलासा किया। वे जागने के बाद हनुमान चालीसा या नमामि शमीशम का जाप करती हैं। इसके साथ ही, प्रकृति में समय बिताना और पक्षियों की आवाज़ सुनना उन्हें मानसिक रूप से संतुलित रखने में मदद करता है।
परिणीति के अनुसार, सुबह का यह शांत समय दिनभर के रिएक्शन्स और इमोशन्स को नियंत्रित रखने में मदद करता है। उन्होंने इसे पोस्टपार्टम में खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखने का अहम तरीका बताया।











