जयपुर में गंदगी फैलाने वालों पर नगर निगम की कड़ी कार्रवाई जारी है। दो दिनों में 2.57 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया। CCTV निगरानी, सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक और तुरंत चालान से स्वच्छता अभियान तेज हुआ है।
Jaipur: जयपुर शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखने के लिए नगर निगम ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत किया है। अब सड़क पर कचरा फेंकने, सार्वजनिक स्थानों को गंदा करने और प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग करने वालों पर तुरंत कार्रवाई की जा रही है। सिविल लाइंस जोन में शनिवार को इसका साफ उदाहरण देखने को मिला, जब दो युवक सड़क पर कचरा फेंकते हुए CCTV कैमरे में कैद हो गए।
जैसे ही कंट्रोल रूम से सूचना मिली, नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची। जांच के बाद अजमेर रोड निवासी दिनेश कुमार लीलारमानी से 10 हजार रुपए का कैरिंग चार्ज वसूला गया। इसके साथ ही संबंधित युवकों को भविष्य में सड़क पर कचरा नहीं फेंकने की शपथ भी दिलाई गई। नगर निगम का मानना है कि जुर्माने के साथ जागरूकता जरूरी है, ताकि लोग अपनी जिम्मेदारी समझें।
दो दिन में लाखों का जुर्माना
नगर निगम की सफाई अभियान से जुड़ी कार्रवाई पिछले दो दिनों में काफी तेज रही है। इस अवधि में कुल 2.57 लाख रुपए का जुर्माना वसूला गया। खास बात यह है कि सिंगल यूज प्लास्टिक के खिलाफ विशेष अभियान चलाया गया, जिसमें 20 किलोग्राम प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त किया गया।

केवल सिंगल यूज प्लास्टिक के इस्तेमाल पर ही 1.78 लाख रुपए से अधिक का जुर्माना लगाया गया है। इससे साफ है कि नगर निगम प्लास्टिक प्रदूषण को लेकर कोई ढील नहीं देना चाहता। अधिकारियों का कहना है कि प्लास्टिक से न केवल गंदगी बढ़ती है, बल्कि पर्यावरण और स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ता है। इसलिए बाजारों, दुकानों और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
184 CCTV कैमरों से 24 घंटे नजर
स्वास्थ्य शाखा के उपायुक्त ओम थानवी ने बताया कि स्मार्ट सिटी लिमिटेड कार्यालय में स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से शहर की निगरानी की जा रही है। जयपुर के प्रमुख बाजारों और सड़कों पर लगे 184 CCTV कैमरों के जरिए 24 घंटे नजर रखी जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने और प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग करने वालों पर आगे भी इसी तरह कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी। नगर निगम का उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि लोगों की आदतों में बदलाव लाना है।
गंदगी रोकने के लिए पहले भी कई कदम उठाए जा चुके हैं। शहर में अस्थायी कचरा डिपो हटाकर वहां पौधे लगाए गए हैं और वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेंच लगाई गई हैं। इससे लोगों की आवाजाही बढ़ी और उन जगहों पर कचरा डालने की घटनाएं कम हुईं। शिवाजी नगर सहित कुछ कॉलोनियों में यह प्रयोग सफल साबित हुआ है।
इसके अलावा बाजारों में नियमित गश्त की जा रही है और सड़क पर कचरा फेंकते ही चालान काटा जा रहा है। नगर निगम का कहना है कि जनता के सहयोग से ही जयपुर को साफ, सुंदर और स्वच्छ बनाया जा सकता है।












