अंबेडकर अस्पताल में रोजाना 100 से अधिक मरीज सर्दी, खांसी, उल्टी और दस्त के लिए पहुंच रहे हैं। नगर निगम ने पानी की लीकेज सुधारने और हर वार्ड में सफाई अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं।
Chhattisgarh: शहर में बढ़ती ठंड और कई इलाकों में दूषित पानी की सप्लाई के कारण सरकारी अस्पतालों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अंबेडकर अस्पताल में रोजाना 100 से अधिक मरीज सर्दी, खांसी, उल्टी और दस्त की शिकायत लेकर आ रहे हैं। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी वायरल बुखार के मरीज बढ़ गए हैं।
विशेष रूप से बच्चे और बुजुर्ग इस मौसम में सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। हमर अस्पतालों में रोज औसतन 10 और जिला अस्पताल में 10 से 15 मरीज उल्टी-दस्त की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं।
सावधानी और इलाज
एमडी डॉ. अब्बास नकवी ने बताया कि उल्टी-दस्त से बचने के लिए लोग साफ पानी का उपयोग करें और खुले में रखा या बिना फिल्टर का पानी पीने से बचें। खाने से पहले हाथ साबुन से धोना जरूरी है।
खुले में बिकने वाला भोजन और बर्फ का उपयोग न करें। बच्चों और बुजुर्गों को ओआरएस घोल देते रहें ताकि शरीर में पानी की कमी न हो। कमजोरी, चक्कर या पेशाब कम होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल जाएं।
महापौर की कार्रवाई
महापौर ने घरों में दूषित पानी की सप्लाई पर सख्त रुख अपनाया है। निगम अधिकारियों ने बताया कि कई जगह पाइपलाइन लीकेज के कारण गंदा पानी आ रहा था। अब इसे सुधारा जा रहा है।
महापौर ने हर वार्ड में स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ व्यापक सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। नालियों की पूरी सफाई कर पाइपलाइन को तुरंत बाहर निकालने का आदेश दिया गया है।
अलर्ट और जागरूकता
नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे पानी को उबालकर पिएं और साफ-सफाई का ध्यान रखें। स्वास्थ्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि गर्मियों की शुरुआत से पहले ही लोगों में वायरल और पेट संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
इस तरह ठंड और दूषित पानी के कारण बढ़ते रोगों पर काबू पाने के लिए प्रशासन सतर्क हो गया है और लोगों को सुरक्षा के उपाय अपनाने की सलाह दी जा रही है।











