खांसी-जुकाम में केला खाना हानिकारक है या नहीं, इस पर एलोपैथी और आयुर्वेद की राय अलग नजर आती है। मेडिकल साइंस इसे सीधे नुकसानदायक नहीं मानती, जबकि आयुर्वेद कफ प्रवृत्ति वाले लोगों को सावधानी बरतने की सलाह देता है। निर्णय व्यक्ति की स्थिति पर निर्भर करता है।
खांसी-जुकाम में केला खाना: सर्दी, खांसी और कफ की समस्या के दौरान केला खाने को लेकर अक्सर भ्रम बना रहता है। विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में केला पौष्टिक और सुरक्षित फल है, लेकिन जिन लोगों को ज्यादा बलगम, एलर्जिक राइनाइटिस या गले की समस्या है, उन्हें सावधानी रखनी चाहिए। एलोपैथी इसे सीधे तौर पर नुकसानदायक नहीं मानती, जबकि आयुर्वेद ठंडी तासीर और कफ प्रवृत्ति के आधार पर सीमित सेवन की सलाह देता है। इसलिए निर्णय व्यक्तिगत लक्षणों और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार लेना बेहतर है।
एलोपैथी क्या कहती है?
एलोपैथी विशेषज्ञों का मानना है कि केला एक पौष्टिक फल है, जो शरीर को ऊर्जा देता है और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बनाए रखने में मदद करता है। सामान्य सर्दी-जुकाम के दौरान इसे पूरी तरह से प्रतिबंधित करने की कोई वैज्ञानिक वजह नहीं है।
हालांकि अगर मरीज को अत्यधिक बलगम, गले में भारीपन या कफ की शिकायत है, तो केला खाने से असहजता बढ़ सकती है। ऐसे मामलों में डॉक्टर व्यक्तिगत लक्षणों के आधार पर परहेज की सलाह देते हैं।
आयुर्वेद की नजर में केला
दिल्ली सरकार के आयुर्वेद विभाग के डॉ. आर. पी. पराशर के मुताबिक, आयुर्वेद में केले को कफ बढ़ाने वाला और ठंडी तासीर का माना गया है। इसलिए सर्द मौसम या कफ प्रवृत्ति वाले लोगों को सीमित मात्रा में सेवन की सलाह दी जाती है।
आयुर्वेद के अनुसार, जिनकी शरीर की तासीर ठंडी होती है या जिन्हें बार-बार जुकाम की समस्या रहती है, उन्हें केला कम खाना चाहिए। हालांकि सामान्य तासीर वाले व्यक्ति के लिए यह पूरी तरह वर्जित नहीं है।

किन लोगों को रखना चाहिए परहेज?
जिन लोगों को एलर्जिक राइनाइटिस, टॉन्सिल की समस्या या गले में संक्रमण रहता है, उन्हें केला खाते समय सावधानी बरतनी चाहिए। ज्यादा बलगम बनने की प्रवृत्ति वाले लोगों में भी यह समस्या बढ़ा सकता है।
वहीं, जिन लोगों को कब्ज की समस्या रहती है, उनके लिए भी सीमित मात्रा में केला खाने की सलाह दी जाती है। हर व्यक्ति की शारीरिक प्रतिक्रिया अलग हो सकती है, इसलिए लक्षणों के आधार पर निर्णय लेना बेहतर है।
केला खाने के फायदे भी समझें
केला शरीर को तुरंत ऊर्जा देता है और इसमें मौजूद पोटैशियम मांसपेशियों और दिल के लिए लाभकारी होता है। विटामिन B6 और फाइबर पाचन तंत्र को बेहतर बनाने में मदद करते हैं।
संतुलित मात्रा में सेवन करने पर यह एक सुरक्षित और पौष्टिक फल है। इसलिए केवल आम धारणा के आधार पर इसे पूरी तरह छोड़ देना जरूरी नहीं है।













