अक्सर जब हम दुनिया में फैली गरीबी, दुख या बड़ी-बड़ी समस्याओं को देखते हैं, तो हमें लगता है कि 'मैं अकेला क्या कर सकता हूँ?' हम सोचते हैं कि हमारे छोटे से प्रयास से कोई फर्क नहीं पड़ेगा, इसलिए हम कोशिश करना ही छोड़ देते हैं। यह कहानी उस सोच को चुनौती देती है और बताती है कि कैसे एक छोटा सा काम भी बहुत मायने रखता है।
मुख्य कहानी
एक बार की बात है, समुद्र में एक बहुत भयानक तूफान आया। रात भर तेज हवाएं चलीं और ऊंची-ऊंची लहरें उठीं। जब सुबह तूफान शांत हुआ, तो समुद्र तट का नजारा बहुत दुखद था।
तूफान की वजह से हजारों-लाखों छोटी-बड़ी स्टारफिश (तारा मछली) पानी से बाहर रेत पर आ गिरी थीं। मीलों दूर तक तट पर सिर्फ स्टारफिश ही स्टारफिश दिखाई दे रही थीं। सूरज निकल आया था और उसकी तेज धूप में वे बेचारी मछलियाँ तड़प रही थीं। अगर उन्हें जल्दी ही वापस पानी में नहीं पहुँचाया गया, तो वे सब मर जातीं।
उसी तट पर एक बूढ़ा और समझदार आदमी सुबह की सैर कर रहा था। वह इतनी सारी मछलियों को मरते देखकर बहुत दुखी हुआ, लेकिन उसे लगा कि वह कुछ नहीं कर सकता।
तभी उसकी नजर कुछ दूरी पर एक छोटे लड़के पर पड़ी। वह लड़का बार-बार नीचे झुकता, रेत से कुछ उठाता और पूरी ताकत से उसे वापस समुद्र में फेंक देता।
बूढ़ा आदमी धीरे-धीरे उस लड़के के पास पहुँचा और उसने देखा कि लड़का एक-एक करके स्टारफिश को उठाकर पानी में फेंक रहा था ताकि उनकी जान बच सके।
बूढ़े आदमी ने लड़के से पूछा, 'बेटा, तुम यह क्या कर रहे हो?'
लड़के ने बिना रुके जवाब दिया, 'मैं इन स्टारफिश को बचा रहा हूँ, अंकल। सूरज ऊपर चढ़ रहा है और अगर ये यहाँ रेत पर ही रहीं, तो सब मर जाएंगी।'
बूढ़ा आदमी उदास होकर मुस्कुराया और बोला, 'लेकिन बेटा, क्या तुमने देखा नहीं कि यह समुद्र तट कितना लंबा है? यहाँ हजारों नहीं, बल्कि लाखों स्टारफिश पड़ी हैं। तुम अकेली जान कितनी मछलियों को बचा पाओगे? तुम्हारे इस छोटे से प्रयास से आखिर क्या 'फर्क' पड़ेगा?'
लड़के ने बूढ़े आदमी की बात सुनी। वह एक पल के लिए रुका। फिर वह नीचे झुका, उसने रेत से एक और तड़पती हुई स्टारफिश को उठाया और उसे धीरे से समुद्र के गहरे पानी में फेंक दिया।
फिर वह बूढ़े आदमी की तरफ मुड़ा, उसकी आँखों में देखा और मुस्कुराते हुए बोला, 'अंकल, शायद दुनिया के लिए न सही, लेकिन 'इस एक' के लिए तो बहुत बड़ा फर्क पड़ा है।'
बूढ़ा आदमी उस छोटे बच्चे की समझदारी और जज्बे को देखकर दंग रह गया। उसे अपनी गलती का अहसास हुआ। उसने भी तुरंत झुककर एक स्टारफिश उठाई और उसे पानी में फेंक दिया। देखते ही देखते, वहां मौजूद कुछ और लोग भी उनके साथ जुड़ गए और सब मिलकर उन बेजुबान जीवों की जान बचाने लगे।
सीख
यह कहानी हमें सिखाती है कि किसी समस्या की विशालता को देखकर हमें प्रयास करना नहीं छोड़ना चाहिए। अक्सर हम यह सोचकर रुक जाते हैं कि हमारे अकेले करने से क्या होगा, लेकिन सच यह है कि हम भले ही पूरी दुनिया को न बदल सकें, पर हमारा एक छोटा सा नेक काम किसी 'एक' के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव ला सकता है। इसलिए परिणाम की चिंता किए बिना मदद के लिए हाथ बढ़ाएं, क्योंकि उस एक व्यक्ति के लिए आपका छोटा सा प्रयास ही उसकी पूरी दुनिया बदल सकता है।













