पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 17 दिसंबर को व्यापारिक सम्मेलन 2025 में शामिल होंगी। सम्मेलन में 12,000 से अधिक व्यापारी हिस्सा लेंगे और उद्योग प्रतिनिधियों के साथ व्यापारिक चुनौतियों और नीतियों पर चर्चा होगी।
Mamata Banerjee: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी 17 दिसंबर को ‘व्यापारिक सम्मेलन 2025’ में शामिल होंगी। इस सम्मेलन में 12,000 से अधिक व्यापारियों के शामिल होने की उम्मीद है। यह कार्यक्रम मुख्यमंत्री को सीधे छोटे व्यापारियों से जुड़ने का अवसर देगा, जो राज्य की आपूर्ति श्रृंखला की रीढ़ हैं। सम्मेलन के दौरान उद्योग प्रतिनिधियों के साथ चर्चा को सुविधाजनक बनाने के लिए 18 दिसंबर को विशेष व्यापार बैठक भी आयोजित की जाएगी।
क्या है सम्मेलन का महत्व
‘व्यापारिक सम्मेलन 2025’ को इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि राज्य सरकार छोटे व्यवसायों सहित सभी वर्गों से समर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है। यह कार्यक्रम 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले व्यापारिक समुदाय के साथ मजबूत संपर्क बनाने का मौका है। मुख्यमंत्री बनर्जी के शामिल होने से छोटे और मध्यम व्यापारियों की समस्याओं और सुझावों को सीधे सुनने का अवसर मिलेगा।
व्यापारियों की रहेगी भूमिका

पश्चिम बंगाल व्यापार संघ परिसंघ (सीडब्ल्यूबीटीए) के अध्यक्ष सुशील पोद्दार ने कहा कि राज्य में व्यापारी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से एक करोड़ से अधिक लोगों के लिए आजीविका के अवसर पैदा करते हैं। उन्होंने कहा, “हमें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री इस सम्मेलन के दौरान व्यापार को आसान बनाने और जमीनी स्तर की चुनौतियों का समाधान करने के लिए प्राथमिकताएं तय करेंगी।”
सम्मेलन में भागीदारी
इस कार्यक्रम में पश्चिम बंगाल के सभी 23 जिलों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। इसमें प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों और सीमावर्ती व्यापार केंद्रों के प्रतिनिधियों की भागीदारी की भी उम्मीद है। इससे राज्य भर के छोटे और मध्यम व्यवसायियों के अनुभव और सुझाव सीधा नीति निर्धारण में शामिल किए जा सकेंगे। इससे यह सुनिश्चित होगा कि व्यापारिक वातावरण और आपूर्ति श्रृंखला को और अधिक मजबूत बनाया जा सके।
बैठक में व्यापारिक चर्चा
18 दिसंबर को आयोजित होने वाली व्यापार बैठक में उद्योग प्रतिनिधियों और व्यापारियों को मुख्यमंत्री के साथ सीधे चर्चा का अवसर मिलेगा। इस बैठक का उद्देश्य व्यापारिक नियमों और जमीनी स्तर की समस्याओं को समझना है। सीडब्ल्यूबीटीए का मानना है कि इस प्रकार की बैठकें न केवल व्यापारिक नीतियों में सुधार लाने में मदद करेंगी, बल्कि व्यापारियों के लिए राज्य में कारोबार करने की प्रक्रिया को और सरल बनाएंगी।









