2025 में टैबलेट मार्केट ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ी है। Xiaomi, OnePlus, Samsung और Apple जैसी कंपनियों ने किफायती से लेकर प्रीमियम सेगमेंट तक नए टैबलेट लॉन्च किए। बेहतर परफॉर्मेंस, बड़ी स्क्रीन और AI फीचर्स के चलते स्टूडेंट्स और प्रोफेशनल्स के बीच टैबलेट्स की जरूरत बनी हुई है।
Year Ender 2025 Tablets: साल 2025 में भारत समेत वैश्विक बाजार में कई बड़ी टेक कंपनियों ने नए टैबलेट लॉन्च किए, जिनका मकसद स्टूडेंट्स और वर्किंग प्रोफेशनल्स की बढ़ती डिजिटल जरूरतों को पूरा करना रहा। Xiaomi, OnePlus, Samsung और Apple ने इस साल अलग-अलग बजट और यूज कैटेगरी को ध्यान में रखते हुए टैब्स उतारे। ऑनलाइन पढ़ाई, ऑफिस वर्क, कंटेंट कंजम्पशन और मल्टीटास्किंग की मांग के चलते कंपनियों ने बेहतर डिस्प्ले, पावरफुल प्रोसेसर और लंबी बैटरी लाइफ पर फोकस किया, जिससे टैबलेट्स की प्रासंगिकता बनी रही।
किफायती से प्रीमियम तक
2025 में लॉन्च हुए टैबलेट्स की सबसे बड़ी खासियत है कि हर बजट और जरूरत के हिसाब से ऑप्शन मौजूद हैं। Xiaomi Pad 7 जैसे टैबलेट किफायती कीमत में बड़े डिस्प्ले और दमदार प्रोसेसर के साथ आए हैं, जो स्टूडेंट्स और बेसिक यूजर्स को ध्यान में रखकर डिजाइन किए गए हैं।
वहीं दूसरी ओर, OnePlus Pad 3 और Samsung Galaxy Tab S11 सीरीज जैसे मॉडल्स हाई-एंड यूजर्स को टारगेट करते हैं, जिन्हें हाई रिफ्रेश रेट, बड़ी स्क्रीन और पावरफुल चिपसेट की जरूरत होती है।

परफॉर्मेंस और डिस्प्ले पर रहा खास फोकस
इस साल के टैबलेट लॉन्च में कंपनियों ने परफॉर्मेंस और डिस्प्ले क्वालिटी पर खास ध्यान दिया। OnePlus Pad 3 में 144Hz रिफ्रेश रेट और Snapdragon 8 Elite प्रोसेसर जैसे फीचर्स दिए गए हैं, जो हैवी मल्टीटास्किंग और गेमिंग को आसान बनाते हैं।
Samsung की Galaxy Tab S11 सीरीज में AMOLED 2X डिस्प्ले और MediaTek Dimensity 9400 चिपसेट का इस्तेमाल किया गया है, जो प्रोफेशनल यूज और कंटेंट क्रिएशन के लिए बेहतर अनुभव देने का दावा करता है।
Apple का प्रीमियम दांव
Apple ने अक्टूबर में iPad Pro 2025 लॉन्च कर प्रीमियम टैबलेट सेगमेंट में अपनी पकड़ और मजबूत की। नई M5 चिप के साथ कंपनी ने AI परफॉर्मेंस को बड़ी अपग्रेड बताया है। Ultra Retina XDR डिस्प्ले और हाई ब्राइटनेस सपोर्ट के चलते यह टैबलेट प्रोफेशनल्स और क्रिएटर्स के लिए खास माना जा रहा है।
हालांकि इसकी कीमत आम यूजर्स के लिए ज्यादा हो सकती है, लेकिन Apple का फोकस साफ तौर पर हाई-एंड मार्केट पर रहा।










