शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर से, प्रेमानंद महाराज बताते हैं कैसे भाव और श्रद्धा से मां का आशीर्वाद प्राप्त किया जा सकता है।
22 सितंबर 2025 से पूरे देश में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा शुरू हो चुकी है।
वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज ने भक्तों को भाव और श्रद्धा से जप करने का महत्व बताया।
महाराज कहते हैं, केवल "मां मां" का जप भी भावपूर्ण हो तो मां की दृष्टि प्राप्त हो सकती है।
सच्चा जप मन, वाणी और कर्म से होता है। भाव से भक्ति में जीवन में मां की उपस्थिति महसूस होती है।
महाराज राधा रानी के भक्त हैं और भक्तों को भक्ति, नियम और आस्था का मार्ग बताते हैं।
इस नवरात्रि, भाव और श्रद्धा से मां दुर्गा की उपासना करें और जीवन में शांति और आध्यात्मिक शक्ति का अनुभव करें।