स्ट्रोक अचानक नहीं होता, शरीर पहले से चेतावनी देता है। अगर इन शुरुआती लक्षणों को पहचान लिया जाए तो जान और दिमाग दोनों को बचाया जा सकता है। जानिए स्ट्रोक के 5 शुरुआती संकेत जो कभी भी नजरअंदाज नहीं करने चाहिए।
जब दिमाग के किसी हिस्से में ब्लड फ्लो रुक जाता है या बहुत कम हो जाता है, तो स्ट्रोक होता है। ये एक मेडिकल इमरजेंसी है जिसमें हर सेकंड अहम होता है।
अगर बिना वजह अचानक सिरदर्द हो जो पहले कभी न हुआ हो, तो ये स्ट्रोक की शुरुआती चेतावनी हो सकती है। इसे हल्के में न लें और तुरंत डॉक्टर से मिलें।
चेहरे, हाथ या पैर में झुनझुनी या सुन्नपन महसूस होना, खासकर शरीर के एक साइड में, स्ट्रोक का साफ संकेत हो सकता है।
अगर अचानक बोलने में परेशानी हो या शब्द सही से निकल न रहे हों, तो ये भी स्ट्रोक का संकेत है। ऐसे में तुरंत मेडिकल मदद लें।
अचानक चलने में डगमगाहट, बैलेंस बिगड़ना या कन्फ्यूजन महसूस होना भी स्ट्रोक का शुरुआती लक्षण हो सकता है। इसे नजरअंदाज न करें।
स्ट्रोक के लक्षण दिखते ही देर न करें। तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें क्योंकि समय पर इलाज से जान बचाई जा सकती है और बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।