25 अक्टूबर को भाई दूज पर चित्रगुप्त जी की पूजा का विशेष महत्व है। जानें इसका धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व।
पौराणिक मान्यता अनुसार चित्रगुप्त यमराज के सहायक और लेखपाल हैं। उनके हाथ में समस्त जीवों का लेखा-जोखा होता है।
भाई दूज पर बहनें भाई के माथे पर तिलक करती हैं और भोजन कराती हैं। चित्रगुप्त की पूजा से परिवार में सुख-समृद्धि आती है।
कलम, दावात और बही-खातों की पूजा से विद्या, बुद्धि, साहस और लेखन में कुशलता मिलती है।
साफ जगह पर कलम-दावात रखें और दीपक जलाकर सम्मान करें। इस दौरान भगवान चित्रगुप्त से आशीर्वाद मांगें।
व्यापार, करियर और प्रशासनिक कार्यों में सफलता मिलती है। दान-पुण्य से घर में सुख-समृद्धि आती है।
यह दिन भाई-बहन के प्रेम और आस्था को मजबूत करता है और आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग खोलता है।