भारत सरकार की साइबर एजेंसी CERT-In ने Google Chrome और Mozilla Firefox यूज़र्स के लिए हाई अलर्ट जारी किया है. पुराने ब्राउज़र वर्ज़न में गंभीर कमजोरियां पाई गई हैं, जिनसे हैकर्स पर्सनल डेटा चुरा सकते हैं या सिस्टम क्रैश कर सकते हैं.
भारत सरकार की साइबर एजेंसी ने Chrome और Firefox यूज़र्स को सुरक्षा खतरे के लिए चेताया है. पुराने वर्ज़न यूज़र्स सबसे अधिक प्रभावित हो सकते हैं.
ChromeOS Version 16404.45.0 से पहले, Firefox Version 144 से पहले, Firefox ESR और Thunderbird पुराने वर्ज़न में खतरा अधिक है.
Memory Corruption, Use-after-free बग और Web Extension API की कमजोरियां संवेदनशील डेटा चुराने में मदद कर सकती हैं.
Address Bar Spoofing के जरिए नकली वेबसाइट दिखाकर यूज़र्स को गुमराह किया जा सकता है, जिससे डेटा चोरी हो सकता है.
Heap Buffer Overflow बग Video, Sync और WebGPU कॉम्पोनेंट्स में पाया गया है, जिससे हैकर्स किसी वेबसाइट के माध्यम से सिस्टम में सेंध लगा सकते हैं.
ब्राउज़र तुरंत अपडेट करें, Auto-Update मोड ऑन रखें, पुराने वर्ज़न का इस्तेमाल न करें और किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचें.