2025 में सुस्त, लेकिन 2026 में तेजी दिखाएंगे मिडकैप और ई-कॉमर्स शेयर, कोटक AMC की राय

2025 में सुस्त, लेकिन 2026 में तेजी दिखाएंगे मिडकैप और ई-कॉमर्स शेयर, कोटक AMC की राय

2025 में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का मिश्रित प्रदर्शन रहा। कोटक AMC के अनुसार 2026 में मिडकैप, ई-कॉमर्स और हेल्थकेयर सेक्टर में निवेशकों को बेहतर रिटर्न और मजबूत ग्रोथ के अवसर मिल सकते हैं।

Stock Market: 2025 में भारतीय शेयर बाजार में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने मिश्रित प्रदर्शन दिखाया। BSE मिडकैप इंडेक्स में मामूली 0.4 प्रतिशत की बढ़त रही जबकि सेंसेक्स 8.6 प्रतिशत ऊपर गया। दूसरी तरफ, BSE स्मॉलकैप इंडेक्स में 6.6 प्रतिशत की गिरावट आई। इस साल लार्ज कैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।

कोटक महिंद्रा AMC के मैनेजिंग डायरेक्टर निलेश शाह ने 2026 के लिए अपने मार्केट आउटलुक में कहा कि अगले साल मिडकैप शेयर बेहतर रिटर्न दे सकते हैं। हालांकि यह वृद्धि बहुत बड़ी नहीं होगी, लेकिन लार्ज और स्मॉलकैप के मुकाबले यह कैटेगरी निवेशकों के लिए आकर्षक साबित हो सकती है।

कमाई बढ़त से मिलेगा बाजार को सहारा

निलेश शाह के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में शेयर बाजार की दिशा कंपनियों की कमाई पर निर्भर करेगी। भारत की कंपनियों से FY27 में दोहरे अंक की कमाई बढ़त की उम्मीद है। इस बढ़त से विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक भारत की ओर आकर्षित होंगे और बाजार में निवेश का फ्लो मजबूत रहेगा।

शाह ने निवेशकों को सलाह दी कि वे रिटर्न की उम्मीदें संतुलित रखें और अपने निवेश को अलग-अलग संपत्तियों में फैलाएं। इस तरह जोखिम कम किया जा सकता है और पोर्टफोलियो सुरक्षित रहेगा।

सोना और चांदी में भी उम्मीदें मजबूत

निलेश शाह ने कहा कि 2025 में शानदार बढ़त के बाद सोना और चांदी 2026 में भी बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। इसके पीछे केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार खरीदारी को मुख्य वजह माना जा रहा है। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि पोर्टफोलियो में सुरक्षित विकल्पों की मौजूदगी जरूरी है। सोना और चांदी जैसी कम रिस्क वाली संपत्ति लंबी अवधि में पोर्टफोलियो को स्थिर रख सकती है।

2026 के लिए निवेश थीम

कोटक AMC ने 2026 में निवेशकों के लिए कई प्रमुख थीमों की ओर ध्यान दिलाया। सबसे महत्वपूर्ण है वित्तीय सेवाओं का क्षेत्र। आने वाले समय में क्रेडिट ग्रोथ में तेजी की संभावना है, जिससे बैंकों और NBFCs को फायदा मिलेगा।

इसके अलावा उपभोग या कन्जम्प्शन सेक्टर भी निवेशकों के लिए आकर्षक रह सकता है। बढ़ती आय, GST सुधार और त्योहारों की मांग से उपभोक्ता खर्च में वृद्धि होगी। खासकर ग्रामीण इलाकों में प्रति व्यक्ति आय 2000 डॉलर के स्तर को पार कर चुकी है, जो डिस्क्रेशनरी खर्च और ऑटोमोबाइल खरीद में तेजी लाएगी। भारत में दोपहिया और पैसेंजर वाहनों का बाजार अभी भी विस्तार की संभावना रखता है।

ई-कॉमर्स और हेल्थकेयर में अवसर

कोटक AMC के अनुसार ई-कॉमर्स सेक्टर आने वाले सालों में मजबूत ग्रोथ दिखाएगा। वर्ष 2030 तक इसकी बाजार हिस्सेदारी 12–13 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्यूटी और पर्सनल केयर जैसे सेगमेंट में तेजी की संभावना अधिक है।

ई-कॉमर्स बाजार अभी भी काफी हद तक संगठित है, जहां टॉप तीन कंपनियां लगभग 80 प्रतिशत बाजार पर कब्जा रखती हैं। इसका मतलब है कि मुनाफा बढ़ाने और मार्केट शेयर हासिल करने की गुंजाइश अभी भी मौजूद है।

हेल्थकेयर सेक्टर में भी बढ़ती मांग और सेवाओं का विस्तार निवेशकों के लिए अवसर पैदा कर रहा है। 2026 में इस क्षेत्र में अच्छे रिटर्न की उम्मीद है।

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