ईरान-इजरायल-अमेरिका के युद्ध का असर अब भारत की शेयर मार्केट पर भी दिखाई दे रहा है। इस बीच कई ऐसे स्टॉक्स हैं जिनमें इस युद्ध के कारण तेजी आई है। डिफेंस स्टॉक्स के अलावा कुछ अन्य शेयरों में भी जबरदस्त उछाल देखा जा रहा है।
बिजनेस न्यूज़: ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव और अमेरिका की सैन्य गतिविधियों का असर अब भारतीय शेयर बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। इस दौरान कई पेनी स्टॉक्स (Penny Stocks) में अचानक तेजी देखने को मिली है। इनमें नोबल पॉलिमर्स लिमिटेड (Noble Polymers Ltd) सबसे प्रमुख है, जो शुक्रवार को 20% के अपर सर्किट के करीब पहुंच गया। इस स्टॉक की कीमत अब 1 रुपये से भी कम है और यह हाल के समय में अपने 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुका है।
नोबल पॉलिमर्स में तेजी का ट्रैक रिकॉर्ड
नोबल पॉलिमर्स लिमिटेड का शेयर पिछले महीने के मुकाबले 71% तक बढ़ चुका है।
- 19 फरवरी 2026: 48 पैसे
- गुरुवार 5 मार्च 2026: 69 पैसे
- शुक्रवार 6 मार्च 2026: 82 पैसे
इस तेजी के साथ, यदि किसी ने 19 फरवरी को इस शेयर में 1 लाख रुपये का निवेश किया होता, तो उसकी वैल्यू अब 1.71 लाख रुपये तक बढ़ गई होती। यानी केवल एक महीने से भी कम समय में निवेशकों को 71 हजार रुपये का लाभ मिल चुका होता।
क्यों आई तेजी?
नोबल पॉलिमर्स में तेजी का मुख्य कारण ईरान-इजरायल-अमेरिका युद्ध और उससे जुड़े वैश्विक तेल संकट हैं।
- गुजरात स्थित यह कंपनी ईपीटी जार, बोतल, कंटेनर और घरेलू प्लास्टिक उत्पाद बनाती है।
- प्लास्टिक का मुख्य कच्चा माल क्रूड ऑयल का बाय-प्रोडक्ट है।
- वैश्विक तेल संकट और तेल की कीमतों में वृद्धि के चलते प्लास्टिक उत्पादों की कीमतें बढ़ गई हैं।
इस वजह से नोबल पॉलिमर्स का शेयर निवेशकों की नजर में आकर्षक विकल्प बन गया है। कंपनी का मार्केट कैप 53 लाख रुपये है, लेकिन छोटे निवेशकों के लिए यह स्टॉक तेजी के मामले में काफी चर्चा में है।

निवेशकों के लिए अवसर और चेतावनी
पेनी स्टॉक्स अक्सर कम कीमत वाले शेयर होते हैं, लेकिन इनकी वोलेटिलिटी (Volatility) अधिक होती है। नोबल पॉलिमर्स की तेजी ने छोटे निवेशकों को बड़े लाभ का मौका दिया है, लेकिन विशेषज्ञ निवेशकों को सावधानी बरतने की सलाह भी दे रहे हैं।
- अचानक आई तेजी के कारण शेयर कीमत में अस्थिरता बनी रह सकती है।
- निवेशकों को बाजार के मौजूदा माहौल और वैश्विक घटनाक्रम को ध्यान में रखते हुए निवेश करना चाहिए।
- लंबे समय के लिए निवेश करने से पहले कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन और उत्पादन क्षमता का मूल्यांकन जरूरी है।
वैश्विक घटनाओं का भारतीय शेयर बाजार पर असर
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक तेल और गैस बाजार में हलचल पैदा कर दी है। भारत जैसे तेल आयातक देश पर इसका सीधा असर पड़ता है।
- तेल संकट के चलते प्लास्टिक और पेट्रोलियम आधारित उत्पादों की कीमतें बढ़ सकती हैं।
- इससे जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी देखी जा सकती है।
- डिफेंस और ऊर्जा सेक्टर के शेयर भी इसी वैश्विक घटनाक्रम से प्रभावित हो सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक संकट और स्थानीय मार्केट की प्रतिक्रिया के बीच संतुलन बनाना जरूरी है। निवेशक इसी अनिश्चितता में छोटे और सस्ते शेयरों (पेनी स्टॉक्स) में तेजी का फायदा उठा सकते हैं, लेकिन जोखिम से भी वाकिफ रहना चाहिए।













