करीब 40 दिन बाद पटना लौटे तेजस्वी यादव ने बिहार सरकार को 100 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चुनाव परिणामों पर सवाल उठाते हुए कहा कि 100 दिन बाद सरकार से वादों का हिसाब लिया जाएगा।
Patna: बिहार की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। करीब 40 दिनों बाद पटना लौटते ही विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पुराने तेवर में नजर आए। पटना एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने न सिर्फ सरकार पर सवाल खड़े किए, बल्कि नई सरकार को 100 दिनों का अल्टीमेटम देकर राजनीतिक संदेश भी साफ कर दिया। तेजस्वी यादव का यह बयान आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति को और गरमाने वाला माना जा रहा है।
चुनाव परिणामों पर फिर उठाए सवाल
पटना पहुंचते ही तेजस्वी यादव ने एक बार फिर बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि इस चुनाव में जनता नहीं, बल्कि तंत्र जीता है। तेजस्वी के शब्दों में यह जनतंत्र नहीं, बल्कि धनतंत्र और मशीन तंत्र की जीत है। उन्होंने दावा किया कि किस तरह से साजिश रची गई और किस तरीके से चुनाव परिणाम प्रभावित हुए, यह अब किसी से छिपा नहीं है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार की नई सरकार कैसे बनी, यह पूरा देश जानता है। उन्होंने इशारों ही इशारों में चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि छल और कपट के सहारे सत्ता हासिल की गई है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि वह फिलहाल सकारात्मक राजनीति करना चाहते हैं।
सरकार को दिया 100 दिनों का अल्टीमेटम
तेजस्वी यादव ने साफ कहा कि वह नई सरकार को 100 दिन का समय देंगे। इस दौरान वह सरकार की नीतियों और फैसलों पर सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। लेकिन इसके बाद सरकार को अपने वादों का हिसाब देना होगा।
उन्होंने कहा कि अब जिम्मेदारी सरकार की है कि वह अपने घोषणापत्र में किए गए वादों को जमीन पर उतारे। तेजस्वी ने दो टूक कहा कि 100 दिन बाद देखा जाएगा कि सरकार ने जनता से किए गए वादों को कितनी ईमानदारी से निभाया।
महिलाओं और युवाओं से जुड़े वादों पर नजर

तेजस्वी यादव ने खासतौर पर महिलाओं और युवाओं से जुड़े चुनावी वादों का जिक्र किया। उन्होंने सवाल उठाया कि कब बिहार की माता बहनों को दो दो लाख रुपये मिलेंगे। साथ ही उन्होंने यह भी पूछा कि एक करोड़ युवाओं को नौकरी देने का वादा कब पूरा होगा।
तेजस्वी ने कहा कि हर जिले में चार से पांच कारखाने लगाने की बात कही गई थी। अब यह देखना होगा कि सरकार इस दिशा में कब और क्या कदम उठाती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इन सभी मुद्दों पर 100 दिन बाद सरकार से जवाब मांगेंगे।
अपराध के मुद्दे पर भी 100 दिन की मोहलत
जब मीडिया ने बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर सवाल किया, तो तेजस्वी यादव ने पहले से कही गई बात को दोहराया। उन्होंने कहा कि वह 100 दिनों तक इस पर भी कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। उनके मुताबिक, यह समय सरकार के कामकाज को परखने का है।
यूरोप यात्रा से लौटकर सीधे सियासत में एंट्री
गौरतलब है कि तेजस्वी यादव विधानसभा सत्र के दौरान ही बिहार से बाहर चले गए थे। बाद में खबर आई कि वह परिवार के साथ यूरोप टूर पर हैं। इसी बीच दिल्ली की एक विशेष अदालत में उनके खिलाफ आरोप पत्र तय होने से पहले वह भारत लौटे।
दिल्ली पहुंचकर उन्होंने अदालत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और इसके बाद सीधे पटना पहुंचे। एक दिन पहले उनके पिता लालू प्रसाद यादव और बड़ी बहन डॉ मीसा भारती भी पटना पहुंच चुकी थीं।
मकर संक्रांति के बाद बिहार यात्रा की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, तेजस्वी यादव मकर संक्रांति के बाद बिहार यात्रा पर निकल सकते हैं। इस यात्रा का मकसद पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरना और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करना बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि 100 दिन पूरे होने से पहले ही तेजस्वी अपनी रणनीति को धार देने में जुट जाएंगे।











