अदाणी एंटरप्राइजेज ने TCTPPL का 231.34 करोड़ रुपये में 100% अधिग्रहण पूरा किया। यह अधिग्रहण डेटा सेंटर नेटवर्क विस्तार में मदद करेगा और ग्रुप के भारत में 1 गीगावॉट क्षमता वाले नेशनल डेटा सेंटर प्रोजेक्ट को गति देगा।
Adani Group: गौतम अदाणी की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ने एक अहम कदम उठाते हुए ट्रेड कैसल टेक पार्क प्राइवेट लिमिटेड (TCTPPL) का 231.34 करोड़ रुपये में 100 फीसदी अधिग्रहण पूरा कर लिया है। अब यह कंपनी अदाणी ग्रुप की स्टेप-डाउन जॉइंट वेंचर बन गई है। यह पूरा सौदा अदाणीकॉनेक्स प्राइवेट लिमिटेड के जरिए किया गया, जो अदाणी एंटरप्राइजेज और अमेरिकी कंपनी एजकॉनेक्स का 50-50 जॉइंट वेंचर है।
अधिग्रहण की प्रक्रिया
अदाणीकॉनेक्स ने 21 नवंबर 2025 को TCTPPL और उसके मौजूदा शेयरधारकों – श्री नमन डेवलपर्स और जयेश शाह – के साथ शेयर खरीद समझौता किया था। यह डील आज पूरी हुई। TCTPPL को महाराष्ट्र में मुंबई के रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज में 16 अक्टूबर 2023 को रजिस्टर किया गया था। अभी तक कंपनी का कोई व्यवसायिक संचालन शुरू नहीं हुआ है, लेकिन इसके पास बड़ी जमीन और इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए सभी जरूरी लाइसेंस मौजूद हैं। अदाणी ग्रुप को यही सबसे आकर्षक लगा, क्योंकि इससे डेटा सेंटर प्रोजेक्ट को तेजी से शुरू किया जा सकेगा।
देश में 1 गीगावॉट डेटा सेंटर नेटवर्क का लक्ष्य
अदाणीकॉनेक्स का प्लान अगले दस साल में भारत में 1 गीगावॉट का नेशनल डेटा सेंटर नेटवर्क खड़ा करना है। कंपनी पहले ही चेन्नई, नवी मुंबई, नोएडा, पुणे और हैदराबाद में डेटा सेंटर चला रही है। इस नई जमीन के अधिग्रहण के साथ ग्रुप को और विस्तार की सुविधा मिल गई है, जिससे नेटवर्क की क्षमता और पहुंच बढ़ेगी।
इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के उद्देश्य से अधिग्रहण
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को बताया कि यह अधिग्रहण इन्फ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं विकसित करने के उद्देश्य से किया गया है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं किया गया कि इस जमीन पर कब और किस प्रकार का प्रोजेक्ट शुरू होगा। अधिग्रहण से ग्रुप को नए डेटा सेंटर तैयार करने में तेजी और रणनीतिक फायदा मिलेगा।
अदाणी ग्रुप का व्यापक डेटा सेंटर प्लान
अदाणी ग्रुप का लक्ष्य सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं है। कंपनी पूरे देश में डिजिटल नेटवर्क की क्षमता बढ़ाने के लिए लगातार नए डेटा सेंटर विकसित कर रही है। इसके जरिए क्लाउड सेवाओं, इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की स्थिरता सुनिश्चित की जाएगी। ग्रुप ने यह भी बताया कि भविष्य में अतिरिक्त स्थानों पर डेटा सेंटर विकसित किए जा सकते हैं।










