नई दिल्ली में वित्त मंत्री की वैश्विक बैठक, कर प्रशासन में सहयोग बढ़ाने पर हुई विशेष चर्चा

नई दिल्ली में वित्त मंत्री की वैश्विक बैठक, कर प्रशासन में सहयोग बढ़ाने पर हुई विशेष चर्चा

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में वैश्विक बैठक आयोजित की। इसमें कई देशों के वित्त मंत्री शामिल हुए। बैठक में भारत ने अपतटीय कर चोरी रोकने और वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने की प्रतिबद्धता दोहराई।

New Delhi: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय बैठक की मेज़बानी की। इस बैठक में अंडोरा, मोंटेनेग्रो, हंगरी, कुवैत, केमैन द्वीप, स्लोवाक गणराज्य, पनामा और ज़िम्बाब्वे के वरिष्ठ वित्त और आर्थिक मंत्रियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य वैश्विक कर पारदर्शिता और वित्तीय सूचनाओं के आदान-प्रदान में सहयोग को और मजबूत करना था।

भारत की प्रतिबद्धता

वित्त मंत्रालय ने कहा कि बैठक में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण ने भारत की उस प्रतिबद्धता को दोहराया, जिसके तहत देश अपतटीय कर चोरी को रोकने और निष्पक्ष कर प्रणाली को बढ़ावा देने के लिए वैश्विक प्रयासों में सक्रिय भागीदार है। उन्होंने कहा कि भारत पारदर्शी कर प्रशासन और वित्तीय जवाबदेही को सुनिश्चित करने के लिए सदैव तत्पर है।

बैठक का आयोजन

यह बैठक 2 से 5 दिसंबर 2025 तक आयोजित 18वें ग्लोबल फोरम प्लेनरी और संबद्ध बैठकों के अवसर पर हुई। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी भी इस बैठक में मौजूद थे। ग्लोबल फोरम प्लेनरी दुनिया के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मंचों में से एक है, जहां सदस्य देश कर पारदर्शिता प्रणालियों को सुधारने और वित्तीय सूचनाओं के आदान-प्रदान की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक साथ काम करते हैं।

अपतटीय कर चोरी रोकने पर चर्चा

बैठक के दौरान प्रमुख चर्चा अपतटीय कर चोरी को रोकने और देशों के बीच निष्पक्ष कर प्रथाओं को बढ़ावा देने पर केंद्रित रही। निर्मला सीतारमण ने यह स्पष्ट किया कि भारत इस दिशा में वैश्विक सहयोग को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अपने अंतरराष्ट्रीय समकक्षों को भरोसा दिलाया कि भारत पारदर्शी कर प्रशासन को लागू करने और वैश्विक मानकों का पालन करने में अग्रणी भूमिका निभा रहा है।

वित्तीय सूचनाओं का आदान-प्रदान

बैठक में यह भी जोर दिया गया कि वित्तीय सूचनाओं का सीमाओं के पार सुरक्षित और पारदर्शी आदान-प्रदान जरूरी है। यह कदम केवल कर चोरी रोकने के लिए नहीं, बल्कि वैश्विक निवेशकों के विश्वास को बनाए रखने और आर्थिक सहयोग को मजबूत करने के लिए भी अहम है। सीतारमण ने कहा कि भारत इस प्रक्रिया में तकनीकी और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है।

ग्लोबल फोरम प्लेनरी नीति निर्माताओं और वित्तीय विशेषज्ञों को पारदर्शी कर प्रशासन के मानक तय करने और उन्हें लागू करने के लिए एक साथ लाता है। इस मंच पर सदस्य देश साझा अनुभव और बेहतरीन प्रथाओं का आदान-प्रदान करते हैं। इस बैठक में भारत ने सक्रिय भागीदारी निभाई और कई देशों के साथ सहयोग बढ़ाने की रणनीतियाँ साझा कीं।

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