महाराष्ट्र विधानसभा में महायुति के साथ रहने वाली एनसीपी, जो अजित पवार के नेतृत्व में है, पिंपरी-चिंचवड़ के निकाय चुनाव में महायुति से अलग होकर चुनाव लड़ रही है। इसी बीच, उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने राज्य की राजनीति में ‘परमाणु बम’ फोड़ा है।
पुणे: महाराष्ट्र की राजनीति में शुक्रवार को भूचाल आ गया जब राज्य के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अपनी ही सहयोगी पार्टी भाजपा पर सीधे गंभीर आरोप लगाए। पिंपरी-चिंचवड़ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अजित पवार ने दावा किया कि भाजपा ने पिंपरी-चिंचवड़ महानगर पालिका (PCMC) को भ्रष्टाचार और लूट का केंद्र बना दिया है। इस दौरान उन्होंने हफ्ताखोरी, संपत्ति वृद्धि और केंद्रीय मंत्री से जुड़े विवादों तक कई सनसनीखेज मुद्दे उठाए।
BJP ने PCMC को लूट का अड्डा बनाया, हफ्ताखोरी के सबूत होने का दावा
अजित पवार ने सीधे तौर पर कहा कि भाजपा ने शहर में टेंडरों और विकास परियोजनाओं को भ्रष्टाचार के साधन में बदल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि “विकास के नाम पर जनता के पैसों की जमकर बंदरबांट की गई है और शहर के संसाधनों को लूटा गया।” उनके अनुसार, यह लूट और भ्रष्टाचार इतना व्यापक है कि इससे पिंपरी-चिंचवड़ के नागरिकों के हितों को खतरा हो गया है।
अजित पवार ने दावा किया कि उनके पास भाजपा द्वारा शहर में हफ्ताखोरी के पुख्ता सबूत हैं। उन्होंने कहा, “भाजपा शहर में हफ्ता वसूलती है। सत्ता की मस्ती और नशा इनके सिर चढ़कर बोल रहा है। दिनदहाड़े लुटेरों की टोली शहर में घूम रही है।” यह बयान राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा करने वाला साबित हो रहा है।

विधायक महेश लांडगे पर इशारा, केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल और पासपोर्ट कांड
अजित पवार ने भाजपा के विधायक महेश लांडगे की संपत्ति पर सवाल उठाए, बिना सीधे नाम लिए। उन्होंने पूछा, “शहर के कुछ खास लोगों की प्रॉपर्टी अचानक कैसे बढ़ गई? यह बेहिसाब पैसा कहां से आया? इसकी जांच होनी चाहिए।” इस बयान ने स्थानीय राजनीति में नई बहस को जन्म दे दिया है। अजित पवार ने केंद्रीय मंत्री मुरलीधर मोहोल को भी निशाना बनाया।
उन्होंने भगोड़े से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए सवाल किया कि उसे पासपोर्ट किसके दबाव में दिलाया गया और विदेश भागने में किसने मदद की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को चकमा देकर यह भगोड़ा फरार हुआ, जो चिंता का विषय है।
खुद पर लगे पुराने आरोपों का तंज
अजित पवार ने अपने ऊपर पहले लगे 70 हजार करोड़ के घोटाले के आरोप का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा, “मुझ पर इतने बड़े घोटाले के आरोप लगाए गए थे, लेकिन आज विडंबना देखिए कि मैं उन्हीं आरोप लगाने वालों के साथ सत्ता में बैठा हूं।” उनका यह बयान राजनीतिक नाटकीयता और सत्ता समीकरण दोनों को उजागर करता है।
अजित पवार की इस प्रेस कॉन्फ्रेंस ने महाराष्ट्र में सत्ता गठबंधन महायुति (BJP-NCP-Sena) की एकजुटता पर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। पिंपरी-चिंचवड़ में निकाय चुनावों के दौरान NCP और भाजपा अलग पथ पर चल रहे हैं, और इस बयान ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।










