झारखंड में अप्रैल 2026 से विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) शुरू होगा। यह तीन महीने तक चलेगा, जिसमें प्रत्येक मतदाता की जानकारी जाँच कर अद्यतन की जाएगी। 21,736 कैंप लगाकर बुजुर्ग, कमजोर और ग्रामीण मतदाताओं को सूची में शामिल किया जाएगा।
Ranchi: झारखंड में अप्रैल 2026 से मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) शुरू होने जा रहा है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य राज्य की मतदाता सूची को पूरी तरह अद्यतन, समावेशी और त्रुटिरहित बनाना है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार के अनुसार, यह प्रक्रिया लगभग तीन महीने तक चलेगी और इसमें प्रत्येक मतदाता की जानकारी को जाँच कर अद्यतन किया जाएगा।
तैयारियां 11 मार्च तक पूरी होंगी
भारत निर्वाचन आयोग ने झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी को निर्देश दिए हैं कि सभी तैयारियों को जल्द से जल्द पूरा किया जाए। के. रवि कुमार ने बताया कि 11 मार्च 2026 तक SIR की पूरी तैयारियां अंतिम रूप ले लेंगी। इसके बाद मतदान फॉर्मों की गणना (enumeration) चरण शुरू होगा। इस चरण में मतदाता नागरिकता, पहचान, निवास और अन्य दस्तावेज जमा करेंगे। ध्यान रहे कि आधार कार्ड अकेला नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाएगा।
मतदाता सूची की स्थिति
राज्य में वर्तमान में कुल 2.65 करोड़ मतदाता हैं। इनमें से लगभग 1.95 करोड़ मतदाताओं की 2003 की पुरानी सूची से मैपिंग पूरी हो चुकी है। SIR प्रक्रिया के दौरान 21,736 से अधिक कैंप लगाए जाएंगे, जिनमें खासकर बुजुर्ग, कमजोर वर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों के मतदाता शामिल होंगे। इन कैंपों का उद्देश्य सभी मतदाताओं को सुविधा प्रदान करना और सूची में त्रुटियों को कम करना है।
आवश्यक दस्तावेज
मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें। इसमें नागरिकता प्रमाण पत्र, पहचान प्रमाण, निवास प्रमाण और अन्य आवश्यक कागजात शामिल होंगे। आधिकारिक जानकारी के लिए मतदाता CEO झारखंड की वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबर 1950 पर संपर्क कर सकते हैं।
अंतरराष्ट्रीय सेमिनार 2-3 सितंबर 2026
मतदाता पंजीकरण और सूची की गुणवत्ता को मजबूत करने के लिए झारखंड में 2 से 3 सितंबर 2026 तक रांची में अंतरराष्ट्रीय सेमिनार आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन का विषय "मतदाता पंजीकरण एवं मतदाता पंजी" है। यह सम्मेलन मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी झारखंड और सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड के संयुक्त तत्वाधान में होगा।
सम्मेलन में शामिल संस्थान
इस सम्मेलन में IIM रांची, NUSRL रांची और सेंट जेवियर्स कॉलेज ज्ञान साझेदारी (knowledge partner) के रूप में शामिल होंगे। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य विभिन्न लोकतांत्रिक देशों, विश्वविद्यालयों, शिक्षाविदों और चुनाव प्रशिक्षकों की राय एकत्र कर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करना है। इससे झारखंड में मतदाता सूची की गुणवत्ता को बढ़ाने और वैश्विक अनुभवों का लाभ लेने में मदद मिलेगी।
पिछला अनुभव
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, जनवरी 2026 में भारत मंडपम में आयोजित IICDEM सम्मेलन में झारखंड ने इसी विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया था। इसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया और झारखंड की पहल को प्रशंसा मिली। इस अनुभव के आधार पर SIR और सितंबर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है।
SIR से होगा मतदाता सूची में सुधार
विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत मतदाता सूची में सुधार और अद्यतन सुनिश्चित किया जाएगा। यह कदम झारखंड में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करेगा और सभी योग्य मतदाताओं को सूची में शामिल करेगा। SIR से मतदाता सूची में समावेशिता बढ़ेगी और त्रुटियों की संभावना कम होगी।












