इलाहाबाद हाई कोर्ट ने करीब चार दशक पुराने एक मामले को फिर से खोलते हुए उस समय ललितपुर में तैनात रहे पुलिस अधीक्षक पर कठोर टिप्पणी की है। मामले में आरोप है कि 1980 के दशक के उत्तरार्ध में हत्या के एक मुकदमे की सुनवाई के दौरान पूर्व एसपी ने ट्रायल कोर्ट के जज के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए उन्हें थाने ले जाने की धमकी दी थी।
हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच ने इस घटना को गंभीर मानते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक से विस्तृत हलफनामा तलब किया है। अदालत ने पूछा है कि संबंधित अधिकारी वर्तमान में जीवित हैं या नहीं, वे सेवा में हैं या सेवानिवृत्त हो चुके हैं, तथा उनका पता क्या है। साथ ही यह भी जानने को कहा गया है कि उस समय की गई शिकायत के आधार पर विभागीय स्तर पर उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की गई थी।
पीठ ने स्पष्ट किया कि समय बीत जाने के बाद भी न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप या न्यायिक अधिकारी को धमकाने जैसे मामलों को अनदेखा नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि न्याय व्यवस्था की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है और ऐसी घटनाओं की जवाबदेही तय करना कानून के सम्मान के लिए अनिवार्य है।









