गूगल क्रोम के V8 जावास्क्रिप्ट इंजन में गंभीर सुरक्षा खामी CVE-2025-13223 पाई गई है, जिससे हैकर्स मेमोरी करप्शन का फायदा उठाकर डिवाइस में मलेशियस कोड चला सकते हैं। गूगल ने तुरंत सुरक्षा पैच जारी किया है और सभी यूजर्स को अपने क्रोम ब्राउजर को अपडेट करने की चेतावनी दी है। यह इस साल का सातवां जीरो-डे फ्लॉ है।
साइबर सुरक्षा अलर्ट: गूगल क्रोम ब्राउजर में V8 जावास्क्रिप्ट इंजन के जरिए एक गंभीर जीरो-डे फ्लॉ CVE-2025-13223 सामने आया है। यह खामी 12 नवंबर को पाई गई और इससे अटैकर्स मेमोरी करप्शन का फायदा उठाकर डिवाइस में मलेशियस कोड रन कर सकते हैं। गूगल ने तुरंत सुरक्षा पैच जारी किया और यूजर्स को चेतावनी दी कि वे अपने ब्राउजर को अपडेट करें। यह खामी खासकर उन यूजर्स के लिए जोखिम बढ़ाती है, जो संवेदनशील डेटा वाले सिस्टम पर क्रोम का उपयोग करते हैं।
क्रोम में मिली सुरक्षा खामी
गूगल ने क्रोम ब्राउजर के V8 जावास्क्रिप्ट इंजन में गंभीर सुरक्षा खामी पाई है, जिसे CVE-2025-13223 नाम दिया गया है। इस बग के जरिए अटैकर्स मेमोरी करप्शन का फायदा उठाकर टारगेटेड डिवाइस में मलेशियस कोड चला सकते हैं। गूगल ने बताया कि इसे खोजने से पहले ही साइबर हमलावर इस खामी का फायदा उठाने की कोशिश कर चुके थे।
इस साल यह सातवां जीरो-डे फ्लॉ है, जो गूगल के लिए चिंताजनक संकेत है। कंपनी ने 12 नवंबर को इस बग की पहचान की और तुरंत इसे फिक्स करने के लिए सिक्योरिटी पैच जारी किया।

सुरक्षा अपडेट और पैचिंग
गूगल ने यूजर्स को चेतावनी देते हुए कहा है कि पुराने क्रोम वर्जन पर यह बग एक्टिव है और सभी यूजर्स को तुरंत अपडेट करना चाहिए। सुरक्षा पैच रोल आउट किया जा चुका है और यह पेंडिंग अपडेट के जरिए इंस्टॉल किया जा सकता है। पैच लागू करने से यूजर्स का डेटा और सिस्टम सुरक्षित रहेंगे।
क्रोम को नियमित अपडेट करना ही सबसे प्रभावी तरीका है साइबर हमलों से बचाव का। विशेषज्ञों के अनुसार, ब्राउजर और ऐप्स का समय पर अपडेट न करना साइबर खतरों को न्योता देने जैसा है।
क्यों है यह खामी खतरनाक
V8 इंजन में यह बग ब्राउजर के एग्जीक्यूशन के दौरान डेटा को गलत तरीके से पढ़ता है। इससे मेमोरी करप्ट होती है, और हैकर्स इसका फायदा उठाकर सिस्टम में कोड रन कर सकते हैं। यह खामी विशेष रूप से उन यूजर्स के लिए जोखिम बढ़ाती है, जो संवेदनशील डेटा वाले सिस्टम पर क्रोम का इस्तेमाल करते हैं।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जीरो-डे फ्लॉ गंभीर साइबर हमलों का रास्ता खोलते हैं, क्योंकि अटैकर्स गूगल से पहले इसका फायदा उठा सकते हैं। इसलिए पैचिंग और नियमित अपडेट जरूरी हैं।












