ईरान-इजरायल तनाव के बीच यूएई में Amazon Web Services के एक डेटा सेंटर में आग लगने से सेवाएं प्रभावित हुईं। कंपनी ने पावर अस्थायी रूप से बंद की, जबकि घटना के सैन्य हमले से जुड़े होने पर कोई स्पष्ट पुष्टि नहीं की गई है।
AWS Data Center Incident: संयुक्त अरब अमीरात में बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के दौरान Amazon Web Services के दुबई स्थित एक अवेलेबिलिटी जोन में आग लगने की घटना सामने आई, जिसके बाद पावर सप्लाई रोकनी पड़ी। यह घटना उस समय हुई जब अमेरिका और इजरायल के हमलों के जवाब में ईरान मिसाइल और ड्रोन कार्रवाई कर रहा था। AWS ने कहा कि कनेक्टिविटी बहाल करने में समय लग सकता है, हालांकि अन्य जोन सामान्य रूप से काम कर रहे हैं। घटना ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।
AWS डेटा सेंटर में क्या हुआ?
AWS के मुताबिक, प्रभावित अवेलेबिलिटी जोन mec1-az2 में आग लगने के बाद पावर सप्लाई रोक दी गई। तकनीकी टीम और दमकलकर्मी आग बुझाने में जुटे रहे। कंपनी का कहना है कि कनेक्टिविटी बहाल करने में कई घंटे लग सकते हैं, जबकि यूएई के अन्य जोन सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।
रॉयटर्स की ओर से पूछे गए सवाल पर AWS ने न तो यह पुष्टि की कि यह घटना किसी स्ट्राइक से जुड़ी है, और न ही इसका खंडन किया। इस बीच यूएई में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

ईरान-इजरायल तनाव का यूएई पर असर
अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद, ईरान ने जवाबी कार्रवाई में मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों का असर संयुक्त अरब अमीरात के कई हिस्सों में देखा गया। एयरपोर्ट, पोर्ट और रिहायशी इलाकों के साथ दुबई और अबू धाबी में भी तनाव की स्थिति बनी रही।
रिपोर्ट्स के अनुसार, एक पांच सितारा रिसॉर्ट में आग लगने और अबू धाबी एयरपोर्ट पर हताहतों की खबर ने हालात की गंभीरता को उजागर किया है। क्षेत्र में कई जगहों पर एहतियातन सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
क्या होता है डेटा सेंटर और क्यों है अहम?
डेटा सेंटर वह सुरक्षित सुविधा होती है, जहां बड़ी संख्या में सर्वर, स्टोरेज सिस्टम और नेटवर्किंग उपकरण रखे जाते हैं। यही इंफ्रास्ट्रक्चर क्लाउड सेवाओं, वेबसाइट होस्टिंग, एप्लिकेशन प्रोसेसिंग और डेटा स्टोरेज का आधार बनता है।
AWS जैसे क्लाउड प्रदाता के डेटा सेंटर में किसी भी तरह की रुकावट का असर हजारों कंपनियों और डिजिटल सेवाओं पर पड़ सकता है। बैंकिंग, ई कॉमर्स, स्टार्टअप और सरकारी सेवाएं भी ऐसे क्लाउड नेटवर्क पर निर्भर रहती हैं। यही वजह है कि मौजूदा घटना को केवल स्थानीय नहीं, बल्कि वैश्विक डिजिटल इकोसिस्टम के नजरिए से भी देखा जा रहा है।










