अमेरिका में बच्चों के वैक्सीनेशन नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है. CDC ने अनिवार्य टीकों की संख्या 17 से घटाकर 11 कर दी है. कुछ टीके अब जोखिम-आधारित होंगे और माता-पिता व डॉक्टर की सहमति पर ही लगेंगे. विशेषज्ञों ने बदलाव पर चिंता जताई है, जबकि बीमा कवरेज 2025 तक जारी रहेगा.
बच्चों के वैक्सीनेशन में बदलाव: अमेरिका में CDC ने नई गाइडलाइंस जारी की हैं, जिसके तहत अनिवार्य टीकों की संख्या 17 से घटाकर 11 कर दी गई है. इन टीकों में खसरा, काली खांसी, टिटनेस, रूबेला, मम्प्स, डिफ्थीरिया, Hib, न्यूमोकोकल, चिकनपॉक्स और HPV शामिल हैं. कुछ टीके, जैसे हेपेटाइटिस और RSV, अब जोखिम-आधारित होंगे और माता-पिता व डॉक्टर की सहमति पर ही लगाए जाएंगे. बदलाव का उद्देश्य वैक्सीनेशन प्रक्रिया को सरल बनाना और वैश्विक मानकों के करीब लाना है.
CDC ने जारी की नई गाइडलाइंस
अमेरिका में बच्चों के वैक्सीनेशन नियमों में बड़ा बदलाव किया गया है. अब 17 की बजाय केवल 11 बीमारियों के खिलाफ टीकाकरण अनिवार्य होगा. Centers for Disease Control and Prevention (CDC) की नई गाइडलाइंस के अनुसार खसरा, काली खांसी, टिटनेस, रूबेला, मम्प्स, डिफ्थीरिया, Hib संक्रमण, न्यूमोकोकल डिजीज, चिकनपॉक्स और ह्यूमन पैपिलोमा वायरस के टीके हर बच्चे को लगेंगे. यह कदम वैक्सीनेशन प्रक्रिया को सरल और वैश्विक मानकों के करीब लाने के उद्देश्य से उठाया गया है.

कुछ वैक्सीन होंगे जोखिम आधारित
कुछ टीकों को केवल बीमारी के रिस्क के हिसाब से लगाया जाएगा. इनमें हेपेटाइटिस A और B, रेस्पिरेटरी सिंकिशियल वायरस (RSV), डेंगू और मेनिंगोकोकल वैक्सीन शामिल हैं. डॉक्टर तय करेंगे कि किन बच्चों को यह वैक्सीन लगनी है. साथ ही, कोरोना वायरस और रोटावायरस जैसी वैक्सीन अब माता-पिता और डॉक्टर की सहमति पर ही दी जाएंगी.
विवाद और विशेषज्ञों की राय
अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स (AAP) ने इस बदलाव को खतरनाक करार दिया है. उनका कहना है कि जरूरी टीकों की संख्या घटाने से बच्चों की सेहत पर जोखिम बढ़ सकता है. वहीं CDC ने दावा किया है कि यह निर्णय गोल्ड स्टैंडर्ड साइंस और 20 देशों की तुलना के आधार पर लिया गया है. बीमा कवरेज भी 2025 के अंत तक जारी रहेगा, जिससे मौजूदा टीकों का खर्च सुरक्षित रहेगा.








