सांगोद में आवारा कुत्तों ने 4 साल की अलिजा पर हमला कर चेहरा जख्मी कर दिया। बच्ची की सर्जरी हुई है और हालत स्थिर है। लगातार घटनाओं से लोगों में डर, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लग रहे हैं।
Rajasthan: कोटा जिले के ग्रामीण क्षेत्र सांगोद में शनिवार दोपहर एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। रामबाड़ी के सामने रहने वाली 4 साल की बच्ची अलिजा घर के पास स्थित दुकान से टॉफी लेकर लौट रही थी। तभी अचानक आवारा कुत्तों के एक झुंड ने उसे घेर लिया और उस पर हमला कर दिया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुत्तों ने बच्ची के चेहरे को निशाना बनाया। उसके मुंह, नाक, आंखों के नीचे और माथे पर गहरे जख्म हो गए। गनीमत रही कि बच्ची की आंखों को नुकसान नहीं पहुंचा, वरना स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग दौड़े और किसी तरह कुत्तों को भगाकर उसे बचाया।
गंभीर हालत में एमबीएस अस्पताल रेफर
बच्ची के पिता आबिद ने बताया कि घटना के तुरंत बाद अलिजा को सांगोद के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे कोटा के एमबीएस अस्पताल रेफर कर दिया।

एमबीएस अस्पताल में 5 जनवरी को बच्ची की सर्जरी की गई। फिलहाल उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है, लेकिन डॉक्टरों की निगरानी में उसे अभी 2 से 3 दिन और अस्पताल में रखा जाएगा। सर्जरी के बाद बच्ची को आईसीयू जैसी निगरानी में रखा गया है, ताकि किसी तरह की जटिलता न हो।
डॉक्टर बोले: रैबीज से बचाव जरूरी
एमबीएस अस्पताल के सर्जरी विभाग के एचओडी डॉ. नीरज देवंदा ने बताया कि बच्ची को रैबीज के खतरे को देखते हुए इम्युनोग्लोबुलिन इंजेक्शन लगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही एंटी-रेबीज वैक्सीन का कोर्स भी शुरू किया गया है।
डॉ. देवंदा के अनुसार, चेहरे पर गहरे घाव होने के कारण सर्जरी जरूरी थी। फिलहाल बच्ची की स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन संक्रमण का खतरा बना रहता है। इसलिए लगातार मेडिकल निगरानी की जा रही है।
इलाके में लंबे समय से कुत्तों का आतंक
स्थानीय लोगों का कहना है कि सांगोद और आसपास के इलाकों में आवारा कुत्तों की समस्या लंबे समय से बनी हुई है। कई बार प्रशासन और नगर निकाय से शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कुत्तों की बढ़ती संख्या से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ गया है। कोटा में इससे पहले भी ऐसे मामले सामने आ चुके हैं।
27 दिसंबर को पाटन पोल इलाके में एक ऑटो चालक पर आवारा कुत्तों ने हमला कर उसके चेहरे को गंभीर रूप से घायल कर दिया था, जिसे एमबीएस अस्पताल में भर्ती कराया गया। सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट और मानवाधिकार आयोग की सख्ती के बावजूद जमीनी हालात नहीं बदले हैं। कई पार्कों में लोग मॉर्निंग वॉक से भी डरने लगे हैं।











