केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को गुजरात के गांधीनगर में कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक महत्व और उसकी शाश्वतता को लेकर अहम बातें कहीं।
Amit Shah: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को एक बयान में कहा कि भारत के सनातन धर्म, संस्कृति और लोगों की आस्था को खत्म करना इतना आसान नहीं है। उन्होंने सोमनाथ मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि यह मंदिर बीती सदियों में कई बार तोड़ा गया और 16 बार पुनर्निर्माण हुआ, लेकिन हर बार यह अपनी चमक और महिमा के साथ फिर से खड़ा हुआ। अमित शाह ने आगे कहा कि जिन लोगों ने सोमनाथ मंदिर पर हमले किए, वे इतिहास में मिट गए, लेकिन यह मंदिर आज भी उसी जगह पूरे गर्व और शौर्य के साथ खड़ा है, जो भारतीय संस्कृति और आस्था की अटूट पहचान है।
सोमनाथ मंदिर: बार-बार तोड़ा गया लेकिन अमर
अमित शाह ने कहा कि सोमनाथ मंदिर को बीती सदियों में कई बार तोड़ा गया। उन्होंने इस मंदिर के 16 बार पुनर्निर्माण का हवाला देते हुए बताया कि जिन्होंने इसे तोड़ा, वे आज इतिहास में खो चुके हैं, लेकिन मंदिर आज भी उसी स्थान पर अपनी भव्यता और गर्व के साथ खड़ा है। शाह ने कहा, “16 बार तबाह किए जाने के बावजूद सोमनाथ मंदिर आज भी पूरे सम्मान के साथ खड़ा है और इसके शीर्ष पर धर्मध्वजा लहरा रही है। यह पूरी दुनिया के लिए संदेश है कि भारत के सनातन धर्म, संस्कृति और लोगों की आस्था को मिटाना आसान नहीं है। यह चांद और सूरज की तरह शाश्वत और अमर है।
गृह मंत्री ने आगे कहा कि सोमनाथ मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यह भारत की आस्था, विश्वास और गर्व का प्रतीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस मंदिर पर हुए हमले केवल एक इमारत पर हमला नहीं थे, बल्कि यह हमारी संस्कृति, आस्था और आत्मसम्मान पर हमला था।

इतिहास में महमूद गजनी और अन्य आक्रमणकारियों के हमले
अमित शाह ने सोमनाथ मंदिर पर हुए ऐतिहासिक हमलों का जिक्र करते हुए कहा कि एक हजार साल पहले महमूद गजनी ने इस मंदिर पर हमला किया था। इसके बाद अन्य आक्रमणकारी जैसे अलाउद्दीन खिलजी, अहमद शाह, महमूद बेगड़ा और औरंगजेब ने भी मंदिर पर हमले किए। गृह मंत्री ने कहा, “हमलावर तबाही में विश्वास रखते थे और मंदिर बनाने वालों का विश्वास रचना में। आज 1000 साल बाद हमलावर मिट गए हैं, लेकिन सोमनाथ मंदिर अभी भी पूरे गर्व के साथ खड़ा है।”
शाह ने यह भी कहा कि मंदिर पर हमला सिर्फ ईंट-पत्थर पर हमला नहीं था, बल्कि यह हमारी आस्था और आत्मसम्मान पर हमला था। उन्होंने स्पष्ट किया कि हमले का उत्तर किसी और हमले में नहीं बल्कि आत्म-सम्मान और विश्वास के जरिए देना चाहिए।
पीएम मोदी का योगदान और सोमनाथ स्वाभिमान पर्व
केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ मंदिर के भव्य कॉरिडोर निर्माण का कार्य जारी है। उन्होंने कहा कि मंदिर के पुनर्निर्माण और संरक्षण में यह परियोजना एक मील का पत्थर साबित होगी। बीती 11 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का शुभारंभ किया था। यह पर्व सोमनाथ मंदिर पर महमूद गजनी के हमले और मंदिर के पुनर्निर्माण के 1000 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है।
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह पर्व पूरे सालभर देश में मनाया जाएगा और इस दौरान लोगों को जागरूक करने के लिए कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। गांधीनगर दौरे के दौरान अमित शाह ने 267 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि यह परियोजनाएं न केवल गुजरात के विकास में योगदान देंगी, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को भी बढ़ावा देंगी।










