कोटा के रामगंजमंडी में बाथरूम में खौलते पानी से झुलसी साढ़े तीन साल की बच्ची रुमायशा की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिवार ने इसे हादसा बताते हुए पोस्टमॉर्टम और कानूनी कार्रवाई से इनकार किया है।
Rajasthan: कोटा के रामगंजमंडी इलाके में एक बेहद दुखद हादसे ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया। वार्ड नंबर 24, गोवर्धनपुरम, माताजी रोड पर रहने वाले अमजद खान की साढ़े तीन साल की बेटी रुमायशा की शुक्रवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई। बच्ची गुरुवार को बाथरूम में खौलते पानी से बुरी तरह झुलस गई थी।
रुमायशा के पिता अमजद खान ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब 9 बजे उनकी पत्नी बच्ची को नहलाने की तैयारी कर रही थीं। बाथरूम में गीजर से गर्म पानी बाल्टी में भरकर रखा हुआ था। इसी दौरान बच्ची अचानक बाथरूम में चली गई और बाल्टी में रखे खौलते पानी को जग से अपने ऊपर डाल लिया।
चीख सुनते ही दौड़े माता-पिता
पिता ने बताया कि जैसे ही रुमायशा ने अपने ऊपर गर्म पानी डाला, वह जोर-जोर से चीखने लगी। बच्ची की आवाज सुनते ही माता-पिता तुरंत बाथरूम की ओर दौड़े। तब तक बच्ची का शरीर गंभीर रूप से झुलस चुका था।
परिजन बिना समय गंवाए रुमायशा को रामगंजमंडी के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज किया, लेकिन बच्ची की हालत काफी गंभीर बनी रही। देर रात उसकी हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे कोटा के एमबीएस अस्पताल रेफर कर दिया।
एमबीएस अस्पताल में इलाज

एमबीएस अस्पताल के बर्न वार्ड में रुमायशा का इलाज चल रहा था। डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी हालत पर नजर बनाए हुए थी। हालांकि शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे अचानक उसकी तबीयत और बिगड़ गई और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल है। रुमायशा अपने माता-पिता की जुड़वां बेटियों में से एक थी, जिससे यह हादसा परिवार के लिए और भी ज्यादा पीड़ादायक बन गया।
परिवार ने किया पोस्टमॉर्टम से इंकार
अमजद खान ने बताया कि उन्होंने बच्ची का पोस्टमॉर्टम नहीं कराने और किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई नहीं करने का फैसला लिया है। इस संबंध में रामगंजमंडी पुलिस थाने के एएसआई को लिखित आवेदन भी सौंप दिया गया है।
परिवार का कहना है कि यह पूरी तरह से एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था। अमजद खान एक कूरियर कंपनी में डिलीवरी बॉय के रूप में काम करते हैं। सीमित साधनों के बीच परिवार अपनी मासूम बच्ची को खोने के गम से उबरने की कोशिश कर रहा है।
यह घटना घरों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक गंभीर चेतावनी भी है, कि थोड़ी सी लापरवाही कितना बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है।










