मुंबई की सियासत में बीएमसी चुनाव से पहले हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के कद्दावर नेता अबू आजमी के परंपरागत गढ़ माने जाने वाले मानखुर्द–गोवंडी इलाके में अब AIMIM ने सीधी चुनौती पेश कर दी है।
BMC Elections 2026: मुंबई की राजनीति में बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव 2026 से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के कद्दावर नेता अबू आजमी के परंपरागत गढ़ माने जाने वाले मानखुर्द–गोवंडी क्षेत्र में इस बार AIMIM ने सीधे तौर पर चुनौती पेश की है। AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी आज रात 9 बजे इलाके में एक बड़ी चुनावी सभा करने जा रहे हैं, जिसे राजनीतिक जानकार सपा के लिए चेतावनी के तौर पर देख रहे हैं।
मानखुर्द-गोवंडी: सपा का मजबूत वोट बैंक
मानखुर्द और गोवंडी इलाके को लंबे समय से सपा का मुस्लिम वोट बैंक माना जाता रहा है। यही क्षेत्र अबू आजमी के लिए हमेशा से मजबूत रहा है। अबू आजमी लगातार विधायक चुने जाते रहे हैं, और बीएमसी चुनावों में भी इस इलाके से सपा के अधिकांश पार्षद जीतते रहे हैं। मुस्लिम बहुल इस क्षेत्र में सपा की पकड़ अब तक मजबूत मानी जाती रही है। ऐसे में AIMIM की एंट्री स्थानीय राजनीतिक समीकरण को बदल सकती है।
इस बार AIMIM ने बीएमसी चुनाव को लेकर पूरी तरह आक्रामक रणनीति अपनाई है। पार्टी का उद्देश्य मुस्लिम वोटों में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना और स्थानीय मुद्दों पर अपनी पकड़ मजबूत करना है। ओवैसी की सभा को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इस दौरान वे सीधे तौर पर स्थानीय प्रतिनिधित्व, विकास और मुस्लिम समुदाय के मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे। AIMIM की योजना है कि इस क्षेत्र के मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करके सपा के वोट बैंक में सेंध लगाई जाए।

सपा के लिए चुनौती
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि ओवैसी की एंट्री सपा के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है। अगर AIMIM प्रभावी ढंग से मुस्लिम मतदाताओं को अपनी ओर खींचने में सफल होती है, तो सपा के पारंपरिक वोट बैंक को नुकसान पहुंच सकता है। अबू आजमी और सपा नेतृत्व इस सभा और AIMIM की गतिविधियों पर करीबी नजर बनाए हुए हैं। वे हर स्तर पर रणनीति बदलने और वोट बैंक बचाने की तैयारी में हैं।
आगामी BMC चुनाव में मानखुर्द-गोवंडी इलाके में सपा और AIMIM की सीधी लड़ाई चुनावी गणित बदल सकती है। स्थानीय राजनीतिक समीकरण में यह मुकाबला दिलचस्प और निर्णायक साबित हो सकता है।











