बीकानेर रोडवेज में 26 नई बसें जुड़ने जा रही हैं, जिनमें एसी स्लीपर भी शामिल हैं। इससे दिल्ली, जयपुर जैसे रूटों पर आरामदायक यात्रा संभव होगी और यात्रियों को बेहतर सरकारी बस सेवा मिलेगी।
Rajasthan: राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) यात्रियों को बेहतर सुविधा देने की दिशा में लगातार कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में बीकानेर रोडवेज आगार के बेड़े में जल्द ही 26 नई बसें शामिल की जाएंगी। इनमें 6 एसी स्लीपर-कम-सीटिंग बसें और 20 साधारण बसें होंगी। फिलहाल बीकानेर आगार के पास 89 बसें हैं, लेकिन यात्रियों की बढ़ती संख्या और लंबी दूरी के रूटों पर मांग को देखते हुए नई बसों की जरूरत महसूस की जा रही थी। नई बसें जुड़ने से न केवल बसों की संख्या बढ़ेगी, बल्कि यात्रियों को समय पर और सुविधाजनक सेवा भी मिल सकेगी।
रोडवेज प्रबंधन का मानना है कि आधुनिक बसों से सरकारी परिवहन को निजी बसों के बराबर सुविधाजनक बनाया जा सकता है, ताकि यात्रियों को किफायती दरों पर बेहतर विकल्प मिले।
एसी स्लीपर बसों से लंबी दूरी का सफर होगा आसान
बीकानेर आगार के लिए प्रस्तावित 6 एसी स्लीपर-कम-सीटिंग बसों की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है। इन बसों के लिए टेंडर जारी कर दिए गए हैं और इन्हें कॉन्ट्रेक्ट आधार पर लिया जाएगा। ये एसी स्लीपर बसें बीकानेर से दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद और उदयपुर जैसे प्रमुख लंबी दूरी के रूटों पर चलाई जाएंगी। स्लीपर सुविधा होने से रात में सफर करने वाले यात्रियों को खास आराम मिलेगा। साथ ही, गर्मी के मौसम में एसी सुविधा यात्रियों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
अभी तक लंबी दूरी की यात्रा के लिए अधिकांश यात्री निजी बसों पर निर्भर रहते थे। रोडवेज की एसी स्लीपर बसें शुरू होने से यात्रियों को सरकारी किराए पर सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का विकल्प मिलेगा। इससे रोडवेज की लोकप्रियता भी बढ़ने की उम्मीद है।
20 साधारण बसों से बढ़ेगी सेवा
एसी बसों के साथ-साथ रोडवेज ने 20 नई साधारण बसों के लिए भी टेंडर आमंत्रित किए हैं। इन बसों को शहर और आसपास के रूटों के साथ-साथ अधिक यात्रीभार वाले मार्गों पर लगाया जाएगा। नई साधारण बसों के आने से बसों की कमी की समस्या कम होगी और यात्रियों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा, नियमित रखरखाव और समय पर संचालन से रोडवेज की सेवाओं में सुधार होगा।
रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि नई बसों के जुड़ने से निगम की कार्यक्षमता बढ़ेगी और यात्रियों का भरोसा मजबूत होगा। निजी बसों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच यह कदम रोडवेज को फिर से आम यात्रियों की पहली पसंद बनाने में मदद करेगा।
टेंडर प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार
फिलहाल सभी बसों के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी है। प्रक्रिया पूरी होते ही बसों को बीकानेर आगार में शामिल किया जाएगा और चरणबद्ध तरीके से विभिन्न रूटों पर उतारा जाएगा। प्रबंधन का लक्ष्य है कि अधिक यात्रीभार वाले और लंबी दूरी के रूटों पर पहले इन बसों को चलाया जाए, ताकि ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को इसका लाभ मिल सके। आने वाले समय में रोडवेज की यह पहल बीकानेर सहित पूरे क्षेत्र के यात्रियों के लिए राहत भरी साबित हो सकती है।










